केरल बाढ़ त्रासदी: मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 3.26 करोड़ रुपये के चेक बाउंस



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी):  पिछले साल केरल मे आई बाढ़ की त्रासदी में 350 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। देश की राज्य सरकारों के साथ तमाम लोगों ने इस आपदा से निपटने के लिए केरल सरकार का सहयोग भी किया। मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड (CMDRF) में लोगों ने करोड़ों रुपए दान किए। बाढ़ के वक्त देशभर से सरकारी, गैर सरकारी और व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता की जा रही थी। मगर ताजा आंकड़ें कहानी बयां कर रहे हैं। इन आंकड़ों को देखकर ऐसा लगता है कि शायद कुछ लोगों सहायता के नाम पब्लिसिटी स्टंट रहे थे।



ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड (सीएमडीआरएफ) में 3.26 करोड़ राशि के चेक बाउंस हुए हैं। केरल के कासरगोड के विधायक एनए नेलीकुन्नु द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के जवाब में यह आंकड़े सामने आए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के अनुसार, 3.26 करोड़ राशि के आंकड़ों में 395 चेक और डिमांड ड्राफ्ट शामिल हैं।




मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड में 30 नवंबर 2019 तक 2,797.67 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई गई। इसमें ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से 260.45 करोड़ रुपये आए और 2,537.22 करोड़ रुपये चेक, कैश और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए. अकेले चेक के माध्यम से 7.46 करोड़ रुपये हैं। नेलीकुन्नु ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से कहा, 'बाउंस चेकों की संख्या यह बताती है कि बाढ़ त्रासदी में लोगों की मौतों पर भी कुछ लोगों ने पब्लिसिटी का खेल खेला।'




ताजा आंकड़ों के अनुसार, सीएमडीआरएफ में कुल 3226.21 करोड़ रुपये जमा कराए गए और 1199.69 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया है। अगस्त 2018 में सीएमडीआरएफ में केवल 14 दिनों में ही रिकॉर्ड 713.9 करोड़ रुपये जमा कराए गए। पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने और राज्य की स्थिति दोबारा सामान्य करने के लिए खुद मुख्यमंत्री के साथ ही नेटिजन्स और आम लोगों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया। केरल और अन्य राज्यों की मशहूर हस्तियों ने राज्य की इस त्रासदी में बढ़ चढ़कर सहयोग किया। आम लोगों का योगदान भी इसमें कम नहीं था, सार्वजनिक रूप से इस भागीदारी के कारण ही यह राज्य दोबारा संभल पाया। बता दें कि पिछले हफ्ते लोकायुक्त जस्टिस पायस सी कुरीकोस, उप लोकायुक्त जस्टिस केपी बालचंद्रन और जस्टिस एके बशीर वाली पीठ ने मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को सीएमडीरआरएफ फंड के एक कथित खराब कामकाज के लिए नोटिस जारी किया था।




दिसंबर 2018 के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री राहत कोष से 7.37 लोख लोगों को आर्थिक सहायता दी गई है। उनपर 457.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उनमें ऐसे लाखों लोग थे, जिनके घर तबाह हो गए थे। इनमें से 2,43,207 लाख परिवारों को 1,256.55 करोड़ की राशि खर्च करके पुनर्निर्माण के लिए सहायता दी गई। एर्नाकुलम के 1,93,448 और अलाप्पुझा के 1,66,345 लोग लाभार्थियों की लिस्ट में टॉप पर हैं।