इंजिनियरिंग छोड़ बना सपेरा

चेन्नई (5 फरवरी): चेन्नई के एक एक सरकारी स्कूल में बीते दिनों दो कोबरा घुस आया। कोबरा उस वक्त क्लास रूम में घुसा जब क्लास बच्चों से भरा था। पूरे स्कूल में अफरातफरी मच गई। किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि बच्चों को क्लासरूम से कैसे निकालें। तभी वहां के एक शिक्षक ने 25 साल के निशांत रवि को बुलाया। रवि ने ना सिर्फ बच्चों को सुरक्षित क्लास से बाहर निकाला बल्कि सांप को भी वहां से सुरक्षित निकालकर वन विभाग के हवाले कर दिया।

निशांत रवि पेशे से कैमिकल इंजिनियर हैं। लेकिन वन्यजीव संरक्षण के खातिर रवि ने कैमिकल इंजिनियरिंग के क्षेत्र में सुनहरा करियर तक छोड़ दिया। चैन्ने के वाइल्डलाइफ ऐक्टिविस्ट श्रावन कृष्णन के साथ मिलकर अब वह वन विभाग के साथ शहर भर में स्नेक रेस्क्यू के लिए जाते हैं। निशांत रवि श्रावन कृष्णन के साथ मिलकर अबतक 2000 से ज्यादा सांपों को बचा चुके हैं।

निशांत रवि का कहना है कि जब भी हम सांपों के बचाव के लिए जाते हैं और अगर सांप जहरीला नहीं होता है तो हम उन्हें पारिस्थिकी संतुलन के फायदे के बारे में बताते हैं। हम उन्हें बताते हैं कि सांपों का आसपास रहना कितना जरूरी है। लोगों को मनुष्य-जीव के सह-अस्तित्व के बारे में जागरुक होना चाहिए।