17 मौत के बाद जागी सरकार, चारधाम यात्रा में बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

देहरादून (17 मई): चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चारधाम यात्रा को शुरू हुए अभी महज 20 दिन ही बीते हैं और अब तक 17 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ पैदल मार्ग पर हुई हैं। केदारनाथ में अब तक लगभग एक लाख आठ हजार लोग यात्रा कर चुके हैं। वहीं भगवान बद्रीनाथ में पहुंचने वालों की संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

केदारनाथ की यात्रा के लिए लगभग 18 किलोमीटर की यात्रा पैदल चलकर करनी पड़ती है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अब तक 8 श्रद्धालुओं का निधन हुआ है। वहीं बद्रीनाथ मार्ग में 3, गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर 5 श्रद्धालुओं का निधन हुआ है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री की मृत्यु सिर पर चोट लगने के कारण हुई। जाबकि बाकी सभी 16 श्रद्धालुओं की मौत हृदय गति रुकने के हुई है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि रास्ते में समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं होने की वजह से लोगों की मौत हो रही है और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रशासन से जुड़े अधिकारी इसको लेकर असंवेदनशील बने हुए हैं। इन सबके बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को चारधाम यात्रा के मार्ग पर जल्द से जल्द समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ सीएम रावत ने केंद्र सरकार से ट्रेंड डॉक्टर उपलब्ध कराने की भी अपील की है। रावत सरकार के इस अपील में केंद्र ने उन्होंने तमाम साजो सामान के साथ जल्द से जल्द डॉक्टरों को भेजने के भरोसा दिया है।