तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दिया इस्तीफा, विधानसभा भंग

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 6 सितंबर ): तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने गुरुवार को मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई जिसमें राज्य विधानसभा को भंग करने का फैसला लिया जिसके बाद उन्होंने विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन से मुलाकात कर विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंपा जिसके बाद तेलंगाना सरकार के विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। यानी अब राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव का रास्ता साफ हो गया है जो अभी तक लोकसभा चुनाव के साथ ही होने थे। इससे पहले कैबिनेट मीटिंग के दौरान तेलंगाना विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पास हो गया था। फिलहाल चुनाव तक के चंद्रशेखर राव कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इसके बाद राज्यपाल ने के चंद्रशेखर राव को सरकार का कार्यवाहक नियुक्त किया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद के चंद्रशेखर राव ने राजभवन पहुंच कर राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन से मुलाकात की। तेलंगाना राष्ट्र समिति के आधिकारिट ट्विटर हैंडल के मुताबिक मुख्यमंत्री केसीआर 2.30 बजे पार्टी कार्यालय तेलंगाना भवन में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के चंद्रचेखर राव चाहते हैं कि साल के अंत में 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ उनके राज्य में भी चुनाव कराए जाएं। इसके लिए वह समयपूर्व विधानसभा भंग कराने का फैसला लिया। कहा जा रहा है कि ज्योतिष में खासा विश्वास रखने वाले मुख्यमंत्री 6 अंक को बेहद शुभ मानते हैं, इसलिए उन्होंने इस अहम फैसले के लिए 6 सितंबर के दिन को चुना है। राज्य विधानसभा का अगला चुनाव 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ ही कराया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री राव चाहते हैं कि इस साल के अंत में 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही इस राज्य के चुनाव करा लिए जाएं। साल के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छ्त्तीसगढ़ और मिजोरम में एक साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले 2 सितंबर को एक रैली को संबोधित करते हुए केसीआर ने कहा था, 'मैं वादा करता हूं कि अगर चुनाव से पहले मैं मिशन भागीरथ के जरिये हर घर को पानी मुहैया नहीं करा पाया तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा। इस देश में कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह की बात करने की हिम्मत नहीं दिखाएगा।'