जेल जाएगा शहाबुद्दीन!, चंदा बाबू ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की अर्जी

नई दिल्ली (16 सितंबर): सीवान के बहुचर्चित तेजाब कांड और राजीव रौशन हत्याकांड में आरोपी शहाबुद्दीन के जमानत के खिलाफ चंदा बाबू ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इस केस में देश के प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण उनका साथ दे रहे हैं।

गौर हो कि पटना हाई कोर्ट ने शहाबुद्दीन को सीवान तेज़ाब कांड के गवाह राजीव रौशन की हत्या के मामले में जमानत दे दी थी। जिसके बाद मामले ने तुल पकड़ा और पूरे देश में शहाबुद्दीन के जमानत के खिलाफ आवाज उठी। इसी आवाज ने चंदा बाबू (जिनके तीनों बेटों को मारने का आरोपी है शहाबुद्दीन) को हौसला दिया और उन्होंने यह लड़ाई जारी रखने का मन बना लिया।

चंदा बाबू ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने बुधवार को दिल्ली से आये वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के एक सहयोगी अधिवक्ता के सामने वकालतनामा पर साईन किया है और साथ ही उन्हें केस की फाईलें भी सुपुर्द कर दी हैं।

चंदा बाबू ने बताया कि प्रशांत भूषण ने दो माह पहले ही उन्हें फोन कर उनके केस लड़ने की अपनी ख्वाईश जताई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और इसके लिए जब तक वे जीवित हैं लड़ते रहेंगे।

क्या था मामला 16 अगस्त 2004 को सीवान के जाने-माने व्यवसायी चंदाबाबू के दो लड़के सतीश राज और गिरीश राज का अपहरण कर लिया गया था और तेज़ाब से नहलाकर उनकी हत्या कर दी गयी थी। इसका आरोपी शहाबुद्दीन को बनाया गया था।

मृतक के तीसरे भाई राजीव रौशन ने खुद को घटना का चश्मदीद गवाह बताते हुए पूरी घटना की सूचना कोर्ट में दी थी। उसके इस बयान पर ही पिछले वर्ष 11 दिसंबर को सीवान सिविल कोर्ट ने तेजाब कांड में शहाबुद्दीन को दोषी बताते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। 16 जून 2014 को सीवान के डीएवी कॉलेज मोड़ पर हुए तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रौशन की भी गोली मारकर हत्या कर दिया गया।