चंद्र ग्रहण 2019: इन बातों का रखें विशेष ध्यान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जुलाई): साल 2019 का दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई यानी आज लगने वाला है। जब भी सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तब चंद्रग्रहण लगता है। लेकिन इस बार यह चंद्रग्रहण पूरा नहीं बल्कि आंशिक होगा। आंशिक इसलिए क्योंकि इस परिस्थिति में सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी घूमते हुए आती है, लेकिन तीनों एक क्रम में नहीं होते। यह बात दिलचस्प है कि इस बार चंद्रग्रहण नासा अपोलो 11 की लॉन्चिंग के 50वें वर्षगांठ पर दिखने वाला है।  16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट से 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक आप ग्रहण देख सकते हैं। कुल 2 घंटे और 59 सेकंड यानी समझिए तो तीन घंटे तक चंद्र ग्रहण लगा रहेगा। 

इसके लिए कोई सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है, आप नंगी आंखों से इसे देख सकते हैं। एक ऑप्शन टेलिस्कोप भी हो सकता है। हालांकि देश के पूर्वी भाग में स्थित बिहार, असम, बंगाल और उड़ीस में ग्रहण की अवधि में ही चांद अस्‍त हो जाएगा। चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लग चुका है. सूतक की अवधि 16 जुलाई दोपहर 4 बजकर 26 मिनट पर शुरू होकर 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 40 मिनट तक लगा रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह के धार्मिक कर्मकांड करने के की मनाही होती है। 

सूतक खत्म होने पर चारों धामों और मंदिरों के पुजारी पवित्र गंगाजल से मंदिर का शुद्धिकरण होता है. इसके बाद ही मंदिर में पूजा पाठ शुरू होगा और मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोले जाएंगे।

ज्योतिषी कहते हैं कि ये चंद्रग्रहण आपके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। दरअसल जानकारों की मानें तो 16 जुलाई को लगने वाला खग्रास चन्द्रग्रहण। भारत में दिखाई देगा इसलिए सूतक के नियम भी लागू होंगे और जरूरी बातों का ध्यान भी रखना होगा। ज्योतिषी कहते हैं कि ये चंद्रग्रहण आपके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। दरअसल जानकारों की मानें तो 16 जुलाई को लगने वाला खग्रास चन्द्रग्रहण। भारत में दिखाई देगा इसलिए सूतक के नियम भी लागू होंगे और जरूरी बातों का ध्यान भी रखना होगा। 

चंद्रग्रहण के दौरान क्या ना करें-

-ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श, नाख़ून काटना, बाल काटना जैसे काम नहीं करें

-कुंवारों को ग्रहण के दौरान चांद नहीं देखना चाहिए

 चन्द्र ग्रहण की खास बातें-

-ग्रहण के दौरान चांद देखने से शादी में बाधा आती है

-सूतक काल में भोजन नहीं करना चाहिए

-फल या सब्जियां नहीं काटनी चाहिए

-ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए