मोदी सरकार की 'तानाशाही' रवैये से क्षेत्रीय दल साथ आने पर मजबूर: चंद्रबाबू नायडू

नई दिल्ली ( 30 मई ): आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने महानाडू सम्मेलन के आखिरी दिन फिर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 'तानाशाही' रवैये की वजह से ही क्षेत्रीय दल साथ आने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने भावी मोर्चे पर बोलते हुए कहा कि गठबंधन महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसे चलाने वाला लीडर महत्वपूर्ण होता है।उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस का दर्जा न देकर दक्षिण भारत में घुसने का सबसे अच्छा मौका गंवा दिया है। वहीं, नायडू ने सवाल उठाया कि अगर केन्द्र आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने में मदद नहीं करता है, तो राज्य को केन्द्र को टैक्स क्यों देना चाहिए।मंगलवार को विजयवाड़ा में तेलगु देशम पार्टी के तीन दिन तक चले महानाडू सम्मेलन के समापन के बाद पत्रकारों से खास बातचीत में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक चुनावों के बाद अपनी साफ सुथरी छवि को खो दिया है। उन्होंने कहा कि साफ सुथरी राजनीति करना चाहते हैं तो ऐसी नीतियां बनाएं जिससे चुनावों में होने वाले खर्चों पर रोक लगे।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का 'तानाशाही' रवैये ने 2019 के चुनावों में क्षेत्रीय दलों को साथ आने पर मजबूर कर दिया है। मोदी सरकार के एकतरफा और जनता विरोधी फैसले और अपने विरोधियों को डराने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग भारतीय राजनीति में गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को दागदार लोगों को अपनी पार्टी में शामिल करने पर शर्म आनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार से दक्षिण भारतीय राज्यों को बहुत नाराजगी है और केन्द्र में अगली सरकार क्षेत्रीय दलों के गठबंधन से बन सकती है। नायडू ने कहा कि ये सब कैसे होगा, यह वक्त ही बताएगा। उन्होंने कहा कि एनडीए के प्रदर्शन से जनता में नाराजगी है।