नाबालिग रेप मामले में SC ने केंद्र और चंडीगढ प्रशासन से मांगा जवाब

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली(18 अगस्त): चंडीगढ़ की 10 साल की लड़की के रेप और उसको बच्चा होने वाले मामले में मुवावजे और पुनर्वास को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब मांगा है।
 
क्या है मामला...

- चंडीगढ़ में 10 साल की रेप पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया। इस रेप पीड़िता का उसके करीबी रिश्तेदार ने ही बलात्कार किया था। पीड़िता के परिवार ने गर्भपात की इजाजत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उसे ये इजाजत नहीं मिली।

-  नतीजा इस रेप पीड़िता 10 साल की बच्ची ने संतान को जन्म दिया। मेडिकल रिपोर्ट में ये कहा गया था कि रेप पीड़िता के लिए गर्भपात कराना ठीक नहीं होगा और न ही उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए।

- आपको बता दें कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत कोर्ट 20 हफ्ते के गर्भ में ही गर्भपात की अनुमति देता है। भ्रूण असामान्य होने की सूरत में अपवाद स्वरूप 20 हफ्ते के बाद भी गर्भपात की अनुमति दी जाती है लेकिन इस मामले में गर्भपात की इजाजत नहीं मिली जिसके कारण 10 साल की रेप पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया है।