आप शाकाहारी हैं, लेकिन अगर खाते हैं चांदी का वर्क लगी मिठाई तो जरूर पढ़े यह खबर...

सचिन खरे, नई दिल्ली (8 अगस्त): मिठाई और पान पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क में जानवरों के अंश मिलाए जाने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रोक लगा दी है। दरअसल, चांदी के इस वर्क को इन सामानों पर लगाने के लिए पतला किए जाने की जरूरत होती है और इसको पतला करने के लिए इसे जानवरों की आंतों पर रखकर पीटा जाता है, जिससे कि ये काफी पतले हो जाते। इसके बाद इन्हें इन सामानों पर लपेटने में आसानी हो जाती है।

क्यों किया गया ऐसा... - जानकारी के मुताबिक, FSSAI ने यह बैन इसलिए लगाया जाता है कि चांदी के वर्क को पतला किए जाने के लिए गाय और भैंसों की आंतों का इस्तेमाल किया जाता था। - सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान ये पाया गया कि ये जानवरों के साथ क्रूरता और कंज्यूमर के लिए हेल्थ रिस्क है। - इसके अलावा, चांदी की वर्क शीट्स पर ऐसा कोई सिंबल भी वॉर्निंग भी नहीं होती थी, जिससे ये पता लगा सके कि ये वेजीटेरियन प्रोडक्ट या है या नॉन-वेजीटेरियन।

सेहत के लिए भी खतरनाक... - जानकारी के मुताबिक, जांच में ये पाया गया कि चांदी के वर्क में हेवी मैटल ऑब्जेक्ट्स जैसे निकल, लेड, क्रोमियम और केडमियम भी होते हैं। ये सभी मेटल ऑब्जेक्ट्स सेहत के लिए खतरनाक होते हैं। - कुछ महीनों पहले मैगी नूडल्स पर सरकार ने लेड की मात्रा ज्यादा होने की वजह से ही रोक लगाई थी।

मेनका गांधी ने की थी पहल... - दो साल पहले यूनियन मिनिस्टर और एनिमल एक्टिविस्ट मेनका गांधी की शिकायत के बाद सरकार ने इस मामले पर एक्शन लेने का फैसला लिया था। - मेनका ने कहा था कि मिठाई, पान और सुपारी ही नहीं बल्कि सेब (एप्पल) को भी ज्यादा बेहतर दिखाने के लिए चांदी का वर्क लपेटा जाने लगा है। - मेनका ने साफ कहा था कि चांदी का वर्क बनाने के लिए बैलों का कत्ल तक किया जाता है। - बता दें कि कुछ साल पहले, इंडियन एयरलाइंस ने वर्क को नॉन वेजीटेरियन मानते हुए इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।