किसी महिला को कहा 'छम्मक-छल्लो' तो मुश्किल में फंस जाएंगे आप, जानें पूरा मामला

मुंबई (5 सितंबर): ऐसे तो बॉलीवुड के गानों धड़ल्ले से  'छम्मक-छल्लो' शब्द का इस्तेमाल होता है। लेकिन महाराष्ट्र के ठाणे में एक शख्स को एक महिला के लिए इस शब्द का इस्तेमाल भारी पर गया। अदालत ने कहा है कि किसी भी महिला के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करना उसका अपमान करने के बराबर है। भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान समझता जाता है। कोर्ट आरोपी को एक महिला के लिए 'छम्मक-छल्लो' शब्द का इस्तेमाल करने पर अदालत के उठने तक साधारण कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक रुपये का जुर्माना भी लगाया।

आरोपी के एक पड़ोसी ने उसे अदालत में घसीटा था। पड़ोसी महिला की शिकायत के अनुसार, 9 जनवरी 2009 को जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूड़ेदान से ठोकर लग गई। महिला ने कहा कि यह कूड़ेदान उक्त आरोपी ने सीढ़ियों पर रखा था।

आरोपी इस दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’कहकर पुकारा। इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। तब महिला ने अदालत का रुख किया। 8 साल बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कहा कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है।