कैश के मुकाबले सस्ता होगा डिजिटल ट्रांजैक्शन- नीति आयोग

बेंगलुरु (19 दिसंबर): नोटबंदी का आज 41वां दिन है और देशभर लगातार कैश की किल्लत बनी हुई है। लोग आज भी कैश के लिए बैंक और एटीएम की तरफ टकटकी लगाए हुए लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं लेकिन भारी तादाद में लोगों को कैश नहीं मिल पार रहा है। इन सबके बीच सरकार लगातार लोगों को डिजिटल पेमेंट के लिए के लिए प्रोत्साहित करने में जुटी है। इसी कड़ी में सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को सस्ता करने का मन बना रही है। इसके जरिए सरकार का इरादा गुड्स और सर्विसेज के लिए भारतीय लोगों के भुगतान के तौर-तरीकों को बदलना है। सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग के चीफ एग्जिक्युटिव अमिताभ कांत के मुताबिक, नवंबर से शुरू हुई नोटबंदी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उपायों का हिस्सा होगा। कान्त ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, बेंगलुरु के पूर्व छात्रों के एक सालाना कार्यक्रम के मौके पर यह बात कही।


अमिताभ कांत के मुताबिक सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शंस को कैश ट्रांजैक्शंस से सस्ता बनाएंगी और बाजार की ताकतें इसे अपनाएंगी। फिलहाल, कैश ट्रांजैक्शंस पर किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता है, जबकि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर फीस लगती है। साथ ही अमिताभ कान्त का कहना है कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों को टैक्स से जुड़े ‌विभिन्न उपायों के जरिए मदद की जाए। यह अगले कुछ दिनों में होगा। वित्त मंत्री ने कुछ उपायों का ऐलान किया है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि बजट में इस संबंध में कई और उपायों का ऐलान किया जाएगा।'

नीति आयोग ने पिछले हफ्ते डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों के लिए कई पुरस्कारों का ऐलान किया था। इनमें एक करोड़ का इनाम भी शामिल था। कान्त आईआईटी के छात्रों और पूर्व छात्रों के असोसिएशन की तरफ से आयोजित स्टार्टअप कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स से ग्लोबल मार्केट को टारगेट करने का अनुरोध किया, ताकि भारत का एक्सपोर्ट बढ़ाया जा सके।


अमिकाभ कान्त ने जापान, चीन और साउथ कोरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों ने विदेशी बाजारों में बिक्री कर जबरदस्त ग्रोथ हासिल की है। कान्त ने भारतीय स्टार्टअप संस्थापकों से ग्लोबल ढंग से सोचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उबर 500 शहरों में ऑपरेट करती है और टेस्ला सभी ग्लोबल मार्केट्स में पहुंच रही है। हमारी सभी स्टार्टअप्स साइज और दायरे को लेकर छोटी हैं।