छात्रों के बैंक खाते की जानकारी लेना चाहती है सरकार

नई दिल्ली(20 अप्रैल): समग्र शिक्षा अभियान के तहत नेशनल स्कूल डेटाबेस को भरने के लिए छात्रों से बैंक और सैलरी की जनकारी मांगी गई है। अभिभावकों और शिक्षकों में इसको लेकर नाखुशी है। शिक्षक जहां पहले ही काम के बोझ की शिकायत कर चुके हैं वहीं अभिभावक हैरान हैं आखिर इन सब जानकारी की क्या जरुरत है। 

महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षण परिषद ने 12 अप्रैल को शिक्षण अधिकारियों को एक सर्कुलर जारी किया जिसमें छात्रों से जानकारी इकट्ठा करने की बात कही गई। इन सभी जानकारी को स्टुडेंट डेटाबेस मैनेजमेंट इंफार्मेसन सिस्टम में डालना होगा। 

एक्सेल में 44 पेरामीटर हैं। जिसमें छात्र का आधार नंबर, धर्म, जाति, मातृभाषा, माता-पिता की जानकारी, छात्र का बैंक अकाउंट नंबर है। एक प्रिंसिपल ने कहा कि ये पहली बार है जब सरकार इतनी जानकारी मांग रही है। उन्होंने कहा ये बहुत ज्यादा निजी है। मैं हैरान हूं। मुझे नहीं पता इतनी जानकारी की क्या जरुरत है।