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केंद्र की दो टूक, राज्यों को लागू करना पड़ेगा नागरिकता कानून

नागरिकता संशोधन कानून (citizenship act) को मानने से छत्तीसगढ़, केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने मना कर दिया है कि यह उनके राज्य में लागू नहीं होगा। कानून को अपने राज्य में लागू ना करने को लेकर आधार बताया जा रहा है कि बीजेपी (BJP) देश की सेक्यूलर साख को नुकसान पहुंचा रही है।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 दिसंबर):  नागरिकता संशोधन कानून (citizenship act) को लेकर हिंसक प्रदर्शन जारी है। पूरे देश में इस कानून के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन हो रहे हैं। असम के बाद पश्चिम बंगाल में भी इसके विरोध में हजारों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बेलडांगा स्टेशन में आग लगा दी और वहां तैनात आरपीएफ कर्मियों के साथ मारपीट की। नागरिकता संशोधन कानून (citizenship act)  को मानने से छत्तीसगढ़, केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने मना कर दिया है कि यह उनके राज्य में लागू नहीं होगा। कानून को अपने राज्य में लागू ना करने को लेकर आधार बताया जा रहा है कि बीजेपी (BJP) देश की सेक्यूलर साख को नुकसान पहुंचा रही है। हालांकि केंद्र (centre) का कहना है कि राज्य के पास ऐसा कोई भी अधिकार नहीं है कि वह केंद्र की सूची में आने वाले विषय 'नागरिकता' से जुड़ा कोई अपना फैसला कर सकें।

अब गृहमंत्रालय (home ministry) के अधिकारी ने बताया, 'केंद्रीय कानूनों की सूची में आने वाले किसी भी कानून को लागू करने से राज्य सरकार इनकार नहीं कर सकती हैं।' उन्होंने बताया कि यूनियन सूची के 7वें शेड्यूल के तहत 97 चीजें आती हैं, जैसे रक्षा, बाहरी मामले, रेलवे, नागरिकता आदि। गृहमंत्रालय के अधिकारी ने बताया, 'केंद्रीय कानूनों की सूची में आने वाले किसी भी कानून को लागू करने से राज्य सरकार इनकार नहीं कर सकती हैं।' उन्होंने बताया कि यूनियन सूची के 7वें शेड्यूल के तहत 97 चीजें आती हैं, जैसे रक्षा, बाहरी मामले, रेलवे, नागरिकता आदि।

बता दें कि गुरुवार को केरल के सीएम पी विजयन ने कहा था कि एक असंवैधानिक कानून की हमारे प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था, 'आपके (बीजेपी) मैनिफेस्टो में विकास के मुद्दों की जगह आपने देश को बांटने का वादा किया है। नागरिकता मिलने का आधार धर्म क्यों होना चाहिए? मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगी। मैं इसे चुनौती देती हूं।'

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बनर्जी ने कहा था, 'क्योंकि आपके पास नंबर हैं, इसलिए आप लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास करा सकते हैं, लेकिन हम आपको देश को बांटने नहीं देंगे।' अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब विधानसभा में बहुमत के साथ कांग्रेस राज्य में लागू होने वाले 'असंवैधानिक' कानून को रोक देगी यह कानून बहुत ही विभाजनकारी प्रकृति का है।

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यह अधिनियम पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी इस बिल को लेकर जो भी फैसला लेगी, राज्य सरकार भी उसी का पालन करेगी।' मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने इस कानून पर जो भी स्टैंड लिया है, हम उसका पालन करेंगे।'


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