मायावती समेत 16 राजनीतिक पार्टियों ने की बजट की तारीख बदलने की मांग

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुद्धवार को उत्तर प्रदेश चुनाव की तिथि की घोषणा होने के बाद आम बजट की तारीखें बदलने की मांग चुनाव आयोग से की। मायावती ने चुनाव आयोग से यह गुजारिश की है कि वह केंद्र सरकार को एक फरवरी को आम बजट पेश करने से रोके। मायावती ने कहा कि संभव है कि केंद्र सरकार एक फरवरी को बजट पेश करे। मालूम हो कि कल ही कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति की बैठक में एक फरवरी को आम बजट पेश किये जाने की तारीख तय हुई थी, जबकि 31 जनवरी से संसत्र सत्र बुलाये जाने की बात कही गयी थी।

ऐसा नहीं है कि मायावती अकेली राजनीतिक शख्सियत नहीं हैं, जिन्होंने यह मांग आयोग के समक्ष रखी है। उनके अलावा कांग्रेस व आम आदमी पार्टी सहित 16 दलों ने यह मांग आयोग से की है। इससे पहले 2012 में भी बजट की तारीखें टल चुकी हैं। वर्ष 2012-13 के लिए तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने 16 मार्च, 2012 को बजट पेश किया था।  उस साल 14 मार्च को रेल बजट व 15 मार्च को आर्थिक सर्वे पेश किया गया था। इस बार रेल बजट का आम बजट में विलय कर दिया गया है।

 

मायावती समेत अन्य 16 पार्टियों ने भी चुनाव आयोग से यह मांग की है कि वह निर्देश देकर एक फरवरी को बजट पेश होने से रोके। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनके पास इस तरह की मांग आयी है और तथ्यों की जांच करने के बाद इस मुद्दे पर फैसला लिया जायेगा।

मायावती ने चुनाव की तिथि घोषित किये जाने के चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया।  उन्होंने कहा कि यूपी में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो सकता है, अत: सरकार को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाये।

चुनाव आयोग ने आज उत्तरप्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। चुनाव तारीखों के एलान के साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश में सात चरण में चुनाव होंगे।