केंद्र सरकार आवश्यक दवाओं की कीमत तय कर सकती है : सुप्रीम कोर्ट

 

नई दिल्ली ( 22 अक्टूबर ) : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोगियों के लिए एक बड़ी राहत देने वाला फैसला सुनाया। कोर्ट ने दवा कंपनियों की मनमानी और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार दवा कंपनियों की मुनाफाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक दवाओं का मुल्य निर्धारण कर सकती है।  

केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और आर के अग्रवाल की खंडपीठ ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण के द्वारा ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ)को बरकरार रखा। प्राधिकरण आदेश को नहीं मानने पर फार्मा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।  

नतीजतन सरकार कई दवाओं का मुल्य निर्धारण कर सकती है।