संकट के समय तेल की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने की बड़ी तैयारी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 28 जून ): केंद्र सरकार ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता 65 लाख टन बढ़ाने के लिए दो स्थानों का चयन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 27 जून 2018 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया है कि खाड़ी युद्ध जैसे संकट का दोबारा सामना न करना पड़ेगा।  कैबिनेट ने अब 2 नए स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर) को मंजूरी दी है जिनमें से एक ओडिशा के चांदीकोल में बनेगा और दूसरा कर्नाटक के पदुर में। चांदीखोल में 40 लाख अतिरिक्त पेट्रोलियम भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी और पदुर भंडारण केंद्र की क्षमता 25 लाख टन होगी। ये दोनों भंडारण केंद्र भूमिगत होंगे। इन केंद्रो के निर्माण से देश में तेल भंडारण की क्षमता अतिरिक्त 12 दिन की हो जाएगी।भारत के पास पहले से ही 4,100 करोड़ की लागत से बने 3 अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद हैं जिनकी क्षमता 5.33 मिलियन टन तेल स्टोर करने की है। इनमें से एक स्टोरेज विशाखापट्नम में हैं जिसमें पहले ही 1.33 एमएमटी तेल भरा हुआ है, वहीं दूसरा मैंगलोर में है जिसमें 1.50 एमएमटी तेल है। तीसरा स्टोरेज कर्नाटक के पादुर में है पर वह अभी भी ऑइल स्टोरेज के इंतजार में है। पहले से बने तेल भंडारण केंद्र में जो तेल जमा है वह केवत 10 दिनों के लिए काफी है।