केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के आतंकी संगठनों से हैं संबंध

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली ( 18 सितंबर ): रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस म्यांमार भेजने की योजना पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 15 पन्नों का हलफनामा दायर किया है। इस हलफानामे में केंद्र सरकार ने कहा कि कुछ रोहिग्या शरणार्थियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों, पाक खुफिया आईएसआई और आतंकी संगठन आईएस से संपर्क का पता चला है। ऐसे में ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरा साबित हो सकते हैं। 

सरकार ने कहा कि कुछ रोहिंग्या अवैध और देशविरोधी कामों में लगे हैं जैसे कि हवाला माध्यम के जरिए फंड इधर-उधर करना। केंद्र ने कहा कि कुछ रोहिंग्या के पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने की भी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई है। रोहिंग्या का अवैध रूप से भारत आना और रहना देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। कुछ रोहिंग्या दूसरे लोगों को भारत में प्रवेश दिलाने के लिए जाली पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे भारतीय पहचान पत्र बनाने व हासिल करने तथा मानव तस्करी में भी शामिल पाए गए।

इसके साथ ही केंद्र ने आशंका जताई कि म्यांमार से अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों के भारत में आने से क्षेत्र की स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्र सरकार ने कहा कि हमारे देश में ऐसे अवैध प्रवासियों की संख्या अभी करीब 40000 हजार से अधिक है। 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने भारत में अवैध रूप से रह रहे म्यामांर के रोहिंग्या समुदाय के लोगों के भविष्य को लेकर सरकार से अपनी रणनीति बताने को कहा था।   सरकार द्वारा रोहिंग्या समुदाय के लोगों को वापस म्यांमार भेजने के फैसले के खिलाफ याचिका को सुनने के लिए स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था।