आदिवासी के घर बाहर से खाना मंगाकर खाए मोदी के मंत्री

नई दिल्ली(13 जून): केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मोदी सरकार के तीन साल की उपलब्धि गिनाने सोमवार को झारखंड के पाकुड़ के हिरणपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आदिवासी वर्कर के घर खाना खाया। लेकिन ये खाना आदिवासी के घर नहीं पका बल्कि बाहर से लाया गया था।

- नकवी के हिरणपुर दौरे के दौरान प्रचार किया गया कि केंद्रीय मंत्री आदिवासी वर्कर अमीन सोरेन के घर खाना खाएंगे। नेताओं की अगवानी के लिए बीजेपी वर्कर्स ने अमीन के घर पंडाल, जनरेटर और पंखा लगवा दिया। लोगों के बैठने के लिए बाहर से कुर्सियां भी मंगाई गईं। सोमवार दोपहर 3 बजे नकवी खाना खाने आने वाले थे।

- इसके ठीक एक घंटे पहले अमीन के घर एक पिकअप वैन से तैयार खाना पहुंच गया और यही खाना नकवी समेत प्रदेश बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू, प्रदेश महामंत्री अनंत ओझा ने खाया।

- अमीन सोरेन के घर नकवी समेत नेताओं के लिए अरवा चावल, अरहर की दाल, खेक्सा भुजिया, उड़द की बरी, करेले की भुजिया, सलाद, दही और पापड़ का इंतजाम किया गया था। यहां तक कि नमक भी बाहर से बुलाया गया। सभी नेताओं को खाना थाली में नहीं हाथ से बनी पत्तल पर परोसा गया।

- नकवी ने कहा कि गरीबों के घर खाना खाने का मकसद सरकार का गरीबों के दरवाजे पहुंचने का है।

- वहीं, अमीन ने कहा कि मंत्री के लिए बाहर से खाना बनकर आया था, लेकिन इसकी तैयारी उन्होंने खुद की थी।