केंद्र सरकार ने कहा- नए नियम तक कर्मचारियों को संपत्ति की घोषणा करना जरूरी नहीं

नई दिल्ली ( 20 दिसंबर ): केंद्र सरकार के कर्मचारियों जिन्हें लोकपाल अधिनियम के तहत 31 दिसंबर तक अपनी संपत्तियों और देनदारियों की घोषणा करनी थी, उन्हें फिलहाल इसकी घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार नए नियमों को अंतिम रूप दे रही है। कोई भी तारीख बताए बिना एक कायार्लय ज्ञापन में कहा गया है कि नियमों को आने वाले समय में अधिसूचित किया जाएगा जिसमें आने वाले समय में लोकपाल अधिनियम के संशोधित प्रावधानों के तहत संपत्ति और देनदारियों को दाखिल करने के लिए फॉर्म, तरीके और समय-सीमा को बताया जाएगा।

इस साल जुलाई में केंद्र सरकार के कर्मचारियों से कहा गया था कि वे लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम की धारा 44 के तहत 31 दिसंबर तक अपनी संपत्ति और देनदारियों की घोषणा करें। इसके अलावा लोकसेवकों को यह भी निदेर्श दिया गया था कि वे 31 मार्च 2015 या इस साल 31 दिसंबर तक अपनी संपत्तियों और देनदारियों के वार्षिक रिटर्न की घोषणा करें। अब कायार्लय ज्ञापन में केंद्र ने साफ तौर पर कहा है कि फिलहाल संपत्तियों और देनदारियों की घोषणा दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कायार्लय ज्ञापन में कहा गया है, लोकसेवकों द्वारा अब संपत्ति की घोषणा और देनदारियों को दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार नए नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। केंद्र ने कहा, इस संबंध में यह कहा जाता है कि लोकपाल एवं लोकायुक्त (संशोधन) अधिनियम, 2016 पारित किए जाने के साथ लोकसेवक (सूचना एवं संपत्ति एवं देनदारियों की वार्षिक योजना और रिटर्न दाखिल करने में संपत्तियों में छूट की सीमा) नियम, 2014 और उसके बाद किए गए सारे संशोधन महत्वहीन हो जाते हैं।