कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में मोदी सरकार, एक साल बाद भी मिलेगी ग्रैच्युटी

नई दिल्ली(5 अगस्त): सरकार प्राइवेट सेक्टर और सरकारी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। मोदी सरकार ग्रैच्युटी के लिए समय-सीमा कम करने पर विचार कर रही है। 

- प्रस्ताव पर सहमति बन गई तो एक साल बाद नौकरी छोड़ने वाला या निकाला जाने वाला कर्मचारी भी ग्रैच्युटी का हकदार होगा। 

- अभी 5 साल की नौकरी पूरी करने पर ही कर्मचारी ग्रैच्युटी के योग्य होता है। 

- मंत्रालयों से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट में भी संशोधन जल्द ही होगा।

-  भारतीय मजदूर संघ के महासचिव वीरेश उपाध्याय का कहना है कि हम कर्मचारियों के हित के हर प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। 

- बता दें कि इससे पहले सरकार ने सिफारिश की थी कि प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही अधिकतम 20 लाख रुपये तक ग्रैच्युटी मिले। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद अब इसे संसद में विधेयक के रूप में पेश किया जाना बाकी है।

- श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में फैसला लिया गया था कि प्राइवेट सेक्टर में भी ग्रैच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया जाए। 

- आपको बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने ग्रैच्युटी की सीमा को दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख करने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारें भी इसे लागू कर चुकी हैं।