पाकिस्तान से लगी 2900 किलोमीटर लंबी सीमा की पांच स्तरीय सुरक्षा

नई दिल्ली (11 अप्रैल) : पाकिस्तान से होने वाली आतंकियों और तस्करों की घुसपैठ को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बॉर्डर सुरक्षा घेरा मज़बूत करने की योजना को मंज़ूरी दे दी है। इस योजना के तहत पाकिस्तान के साथ लगी 2900 किलोमीटर लंबी सीमा की पांच स्तरीय सुरक्षा की जाएगी। 

इसमें चौबीसों घंटे हाईटेक उपकरणों से सीमा की निगरानी करना शामिल है। माना जा रहा है कि ऐसे पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे से पठानकोट जैसे आतंकी हमलों और तस्करी को रोका जा सकेगा। बताया जा रहा है कि यह कदम पहली बार उठाया जा रहा है। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने बयान दिया है कि घुसपैठ रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भारत-पाकिस्तान की सीमा पर पांच स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।

इस सुरक्षा घेरे के तहत हर गतिविधि पर नज़र रखने केलिए सीसीटीवी कैमरे, थर्मल इमेज और नाइड विजन उपरकरणों के साथ ही युद्ध के मैदान में निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रेडार, भूमिगत मॉनिटरिंग सेंसर और लेज़र बैरियर्स लगाए जाएंगे। सभी उपकरण मिल कर काम करेंगे। अगर एक उपकरण काम करना बंद कर देगा, तो दूसरा कंट्रोल रूम को सूचना देगा।