सनी देओल की 'मोहल्ला अस्सी' को सेंसर बोर्ड ने नहीं दिया सर्टिफिकेट

नई दिल्ली (8 अप्रैल): सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) की एक्जामिनिंग कमिटी ने अपने ही बोर्ड मेंबर डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी की विवादित फिल्म मोहल्ला अस्सी को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है। इस फिल्म में धर्म की नगरी वाराणसी के व्यापारीकरण का मज़ाक बनाया गया है। 

गौरतलब है, सनी देओल और साक्षी तन्वर अभिनीत यह फिल्म जुलाई 2015 में ऑनलाइन लीक हो गई थी। इसे बोर्ड के समक्ष प्रमाणन के लिए पेश किया गया था। इसका ट्रेलर जून 2015 में रिलीज किया गया था। जिसमें कई अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कई आपत्तिजनक सेक्स सीन्स भी दिखाए गए हैं। 

सनी ने इसमें एक पंडित का किरदार निभाया है। जो वाराणसी के पर्यावरण और नैतिक प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई करता है। इस फिल्म की कहानी जाने माने हिंदी उपन्यास काशी का अस्सी पर आधारित है। जिसे डॉ काशीनाथ सिंह ने लिखा है। जब फिल्म एक्जामिनिशन कमिटी को इस हफ्ते दिखाई गई, तो इसपर कई सेंसर बोर्ड सदस्यों की कड़ी प्रतिक्रियाएं आई। इसके बाद सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया गया। 

मोहल्ला अस्सी के प्रोमोज़ पर कोर्ट ने सेंसरबोर्ड को भेजा नोटिस

इसी बीच एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को एक लिखित नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया है कि फिल्म में इतनी आपत्तिजनक भाषा होने के बाद भी इसे किस तरह पास कर दिया गया? साथ ही कोर्ट ने यह भी सवाल किया है कि आजकल जो प्रोमोज़ मीडिया व बाकी जगह दिखाए जा रहें हैं, क्या सीबीएफसी ने उन्हें हरी झंडी दी है?

यह याचिका हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस नाम के एक संगठन की तरफ से दायर की गई है। इसके लिए 30 जून तक का समय दिया गया है। इस याचिका में दावे के साथ इस बात का जिक्र किया गया है कि यह समाज में मौजूद नैतिक मूल्यों का उल्लंघन करता है।