'उड़ता पंजाब' में 89 नहीं यह 13 सीन काटना चाहता है सेंसर बोर्ड

नई दिल्ली (8 जून): अनुराग कश्‍यप की फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर चारों तरफ हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी इस मामले को पीएम नरेंद्र मोदी और पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल से जोड़ रही है। वहीं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने ये कहकर पूरे विवाद को नया रंग दे दिया है कि इस पूरे विवाद के पीछे आम आदमी पार्टी है।

फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप ने सेंसर बोर्ड पर आरोप लगाए हैं कि वह फिल्म में कथित रूप से 89 जगह कांट छांट करने और साथ ही उनसे फिल्म के शीषर्क एवं फिल्म से ‘पंजाब’ शब्द हटाना चाहती है। इसे लेकर वह बॉम्बे हाईकोर्ट भी चले गए, जिसकी सुनवाई कल होनी है। लेकिन ऐसे में खबर आई है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म में से 89 नहीं सिर्फ 13 सीन काटने को कहा है।

खबर के अनुसार, इनमें शुरुआत में आने वाले साइन बोर्ड पर से पंजाब शब्द हटाने को कहा गया है। इसके अलावा फिल्म से पंजाब, जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़, अमृतसर, तरनतारण, जश्नपुर, अंबेसर और मोगा जैसे शहरों के नाम हटाने को कहा गया है। फिल्म में कई जगह डॉयलॉग में इन शहरों का नाम आया है। फिल्म के कुछ और शब्दों पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई है। इनमें इलेक्शन, एमपी, पार्टी फ्रॉम पार्टी वर्कर्स, एमएलए और पंजाब पार्लियामेंट जैसे शब्द हैं, जिन्हें हटाने को कहा गया है।

इसके साथ ही फिल्म में जहां भी ड्रग्स वाले इंजेक्शन लेते हुए दिखाया गया है, उन सभी सीन को हटाने को कहा गया है। फिल्म में एक कुत्ते का नाम जैकी चेन रखा गया है। सेंसर बोर्ड ने कुत्ते का नाम भी हटाने का कहा है। गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड के प्रमुख पहलाज निहलानी ने ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म में कई आपत्तियां दर्ज की हैं। जिसके बाद फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप ने सेंसर बोर्ड और उसके प्रमुख निहलानी की खुलेआम आलोचना की है।