महाशिवरात्रि की रात को सोना नहीं चाहिए, जानें क्यों...

नई दिल्ली (12 फरवरी): ज्यादातर लोग यह जानते हैं कि शिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना होती है, लेकिन लोग ये नहीं जानते कि इसका मतलब क्या होता है। आपको बता दें कि पूर्णिमा के एक दिन पहले सबसे अंधेरी रात होती है, जो शिवरात्रि कहलाती है।

 

साल में 12 से 13 शिवरात्रि होती हैं। लेकिन माघ के महीने में जो शिवरात्रि आती हैं, उसे महा शिवरात्री कहते हैं। इस रात को किसी को भी सोना नहीं चाहिए। महाशिवरात्रि एक सबसे बड़ी और भारत की पवित्र त्योहार रातों में सबसे महत्वपूर्ण है। साल के इस सबसे अंधेरी रात पर शिव की कृपा को मनाया जाता है।

 

इस रात को ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि वहां मानव प्रणाली में एक शक्तिशाली ऊर्जा कि प्राकृतिक लहर है। रातभर एक अवगत व ऊर्ध्वाधर स्थिति में जागते रहना शारीरिक और आध्यात्मिक भलाई के लिए काफी फायदेमंद है। इस कारण के लिए यह योग परंपरा में कहा जाता है कि एक व्यक्ति को महाशिवरात्रि की रात को सोना नहीं चाहिए।