कलयुगी बेटे ने बीमार मां को छत से फेंका, 3 महीने बाद ऐसे हुआ खुलासा

अहमदाबाद(5 जनवरी): राजकोट में एक बेटे ने अपनी मां की छत से फेंककर हत्या कर दी। प्रोफेसर बेटे की मां दो महीने से ब्रेन हैमरेज होने की वजह से बिस्तर पर थी। 

- वह अपनी मां की देखभाल और इलाज से परेशान हो चुका था। घटना पिछले साल सितंबर की है, लेकिन खुलासा गुरुवार को हुआ। 

- पहले पुलिस ने खुदकुशी मानकर फाइल बंद दी थी। एक गुमनाम चिट्‌ठी पर जब सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बेटा मां को छत पर ले जाता दिखा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच कबूल लिया।

-हत्यारे बेटे का नाम संदीप है। उसकी मांग का नाम जयश्रीबेन है। वह पेशे से टीचर थी।

- दो महीने से ब्रेन हैमरेज की वजह से बिस्तर पर थी। उसके परिवार में दो बेटियां और बेटा संदीप है। संदीप, बहू रचना और पोती के साथ रहती थीं। ऐसा कहा जा रहा है कि सास-बहू में खटपट होती थी।

- गांधीग्राम के दर्शन एवेन्यू में रहने वाली जयश्रीबेन विनोदभाई नाथवानी की 27 सितंबर को बिल्डिंग की छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने भी मामला बंद कर दिया था।

-फाइल बंद होने के बाद पुलिस को किसी ने गुमनाम चिट्ठी भेजी और हत्या का शक जताया। इस पर पुलिस ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो देखा कि बेटा संदीप ही चलने-फिरने से लाचार मां को सीढ़ियाें से ऊपर ले जा रहा है।

- राजकोट के डीसीपी करनराज वाघेला ने बताया कि संदीप ने पुलिस को गुमराह करने की कई कोशिशें कीं। पहले कहा कि सूरज की पूजा के लिए मां को छत पर ले गया। पुलिस ने जब पूछा कि लाचार मां ने ढाई फुट ऊंची रेलिंग कैसे पार की, तो वह जवाब नहीं दे पाया।

- पुलिस के सख्ती से पूछताछ करने पर उसने मां को छत से फेंकने की बात मान ली। पुलिस बीमारी के अलावा संपत्ति विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है। महिला के नाम से एफडी की भी जांच की जा रही है।