... तो भ्रामक विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी ब्रैंड एम्बैसडर्स को होगी जेल!

नई दिल्ली (19 अप्रैल): विज्ञापनों से जुड़े सेलिब्रिटीज को जवाबदेह बनाने की बात काफी लंबे समय से की जाती रही है, लेकिन सरकार ने अब इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। 

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, सेन्ट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन काउंसिल (सीसीपीसी) की बैठक में मंगलवार को यह तय किया गया। अब भ्रामक विज्ञापनों के लिए उसमें शामिल सेलिब्रिटीज को जिम्मेदार माना जाएगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को इसका ऐलान किया।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सीसीपीसी की बैठक के बाद कहा, "काउंसिल का नजरिया है कि भ्रामक विज्ञापनों के लिए उनसे जुड़ी नामी हस्तियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।" पासवान सीसीपीसी के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का यह भी मानना है कि ब्रांड एम्बैसेडर के लिए दिशा निर्देश होना चाहिए। पासवान ने कहा, "इन हस्तियों को किसी उत्पाद/सेवा का प्रचार का जिम्मा संभालने से पहले दो बार सोचना चाहिए। अगर कोई विज्ञापन कहता है कि कोई व्यक्ति किसी खास उत्पाद का सेवन कर छह महीनों में लंबा हो सकता है तो क्या यह संभव है?" 

तेलुगू देशम पार्टी के सांसद जेसी दिवाकर रेड्डी की अगुवाई वाली एक संसदीय स्थायी समिति भ्रामक विज्ञापन वाले मामलों पर गौर कर रही है। वह जल्द ही संसद को एक रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है, भ्रामक विज्ञापनों का प्रचार करने वाली हस्तियों के लिए समिति भारी जुर्माना और पांच साल तक के जेल की सजा सिफारिश कर सकती है। बताया जा रहा है कि पहली बार गलती करने पर समिति 10 लाख रुपये का जुर्माना या दो साल तक जेल की सजा या दोनों की सिफारिश की जा सकती है। दूसरी बार गलती होने पर 50 लाख रुपये का जुर्माना और पांच साल के जेल की सजा की सिफारिश करने का विचार है।