गरीब छात्रों को एडमिशन नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई: प्रकाश जावेडकर

न्यूज 24 ब्यूरो, मनीष कुमार, नई दिल्ली ( 18 अक्टूबर ): मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में खेल अनिवार्य होगा। उन्होंने गुरुवार को कहा कि नए स्कूलों को मान्यता देगी और उन्हें सीबीएसई के बजाय राज्यस्तर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। देश में सीबीएसई के बीस हजार 700 स्कूल हैं और हर साल दो हजार से अधिक नए स्कूलों को मान्यता दी जाती है पिछले कई वर्षों से इतने आवेदन लंबित पड़े थे कि हमें गुण-दोष के आधार पर आठ हजार मामले निबटाये।प्रकाश जावेडकर ने कहा कि इसके लिए कई नए बदलाव किए गए और फैसले लिए गए हैं...-जिला शिक्षण अधिकारी ऑथेंटिकेट करेंगे इंफ्रास्टक्टर को लेकर और अब से सीबीएसई सिर्फ शिक्षण व्यवस्था की जांच करेगी। यानी स्टेट और सेंटर जो अब तक दोनो ही स्कूलों की हर स्तर पर जांच करते थे, नही करेंगे। सीबीएसई सिर्फ लर्निंग आउटकम दिखेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर देखने का काम जिला शिक्षण अधिकारी का होगा। इंफ्रास्ट्रचकर राज्य देखेगा, शिक्षण हम देखेंगे। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।-सीबीएसई स्कूल में खेल अनिवार्य होगा।-छात्र किसी भी दुकान से किताब, काॅपी, ड्रेस और उपयोगी सामान खरीद सकेंगे।-फीस स्पष्ट होनी चाहिए और कोई चुपा काॅस्ट नहीं होगा। सबकुछ पारदर्शी आॅनलाइन होगा चाहे फीस हो या खर्च हो।-अनेक स्कूलों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को दाखिला नहीं दिया है। इसे हमने संज्ञान में लिया है और गंभीर मामला है। इसे लेकर हम उचित कार्रवाई करेंगे।-नई शिक्षा नीति 2020 से लेकर 2040 तक को लेकर है। शिक्षा नीति कैबिनेट में लाया जाएगा और अप्रूवल होगा। देशभर में इसपर चर्चा होगी।-6 करोड़ किताब अब छाप रहे हैं जो पहले से गुणा ज्यादा है। किताबों के माध्यम से जो शोषण होता था अब वह धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। मद्रास हाईकोर्ट का एक आदेश है कि यूनिफार्म NCERT पाठ्यक्रम लागू हो, हम उसपर कानूनी सलाह ले रहे हैं।