CBI विवाद: आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

प्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (26 अक्टूबर): छुट्टी पर भेजे गये सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और एक एनजीओ की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। अपनी याचिका में वर्मा ने केंद्र की ओर से खुद को छुट्टी पर भेजे जाने और अंतरिम प्रभार संयुक्त निदेशक को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। सीबीआई के दो बड़े अधिकारियों के बीच मचे घमासान के चलते देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के 55 साल का इतिहास बदल गया। सीबीआई के डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर को छुट्टी पर भेज दिया गया। केंद्र ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन यानि सीवीसी से मिली एक सिफारिश के बाद ये फैसला लिया।दरअसल सीवीसी सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायतों की जांच कर रहा है। जिसमें आयोग ने ये महसूस किया कि सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा उसके कामकाज में जानबूझ कर बाधा डाल रहे हैं। केंद्र ने सीवीसी से मिली एक सिफारिश के बाद वर्मा और अस्थाना दोनों के सारे अधिकार वापस लेते हुए उन्हें छुट्टी पर भेज दिया। वर्मा की जगह पर सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को एजेंसी के डायरेक्टर का अंतरिम प्रभार सौंप दिया गया।इसके अलावा सीबीआई के कई अधिकारियों के तबादले भी कर दिये गये... वर्मा ने 23 अक्टूबर की रात आये सरकार के आदेश के अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि केंद्र की ओर से खुद को छुट्टी पर भेजे जाने और संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को अंतरिम प्रभार सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की। सारे अधिकार वापस लिये जाने के बाद वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दलील दी कि रातों-रात उनके सारे अधिकार वापस ले लेना सीबीआई की स्वतंत्रता में दखलंदाजी के समान है। वर्मा ने केंद्र और सीवीसी के कदम को अवैध करार देते हुए ये दलील भी दी है कि इस तरह की दखलंदाजी सीबीआई की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को कम करती है। जिस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ सुनवाई करेगी।कामन कॉज नाम के एनजीओ ने भी गुरुवार को याचिका दायर कर अस्थाना समेत दूसरे अधिकारियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है। एनजीओ और वर्मा की याचिका पर साथ ही सुनवाई होगी। इस मामले को लेकर केंद्र सरकार विरोधियों के निशाने पर है। कांग्रेस इसको लेकर देश भर में सीबीआई के दफ्तरों पर प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में सीबीआई हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन की अगुवाई खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होने से ठीक एक दिन पहले सीबीआई के प्रवक्ता ने वर्मा और अस्थाना के पद पर बने रहने की बात कही। दोनों के अधिकार वापस लिये जाने का जिक्र करते हुए एजेंसी के प्रवक्ता ने ये भी साफ किया कि दोनों अधिकारियों से जुड़े मामले की जांच पर सीवीसी के फैसला किये जाने तक एम नागेश्वर राव को सौंपी गई जिम्मेदारी महज एक अंतरिम व्यवस्था है।