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नए CBI चीफ की रेस में शामिल हैं ये अधिकारी !

देश की सबसे बड़ी जांच ऐजेंसी सीबीआई का अलगा चीफ कौन होगा, पिछले कई दिनों से इसपर गहमागहमी जोरों पर है। इस सिलसिले में आज प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक होने वाली है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): देश की सबसे बड़ी जांच ऐजेंसी सीबीआई का अलगा चीफ कौन होगा, पिछले कई दिनों से इसपर गहमागहमी जोरों पर है। इस सिलसिले में आज प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक होने वाली है। प्रधानमंत्री के अलावे इस बैठक में  देश के मुख्य न्यायाधीश  रंजन गोगोई या उनके प्रतिनिधि और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शरीक होंगे।जानकारी के मुताबिक नए सीबीआई चीफ की रेस में कई कई अधिकारी शामलि है। इस रेस में 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी जे. के. शर्मा और परमिंदर राय का नाम शामिल है। वहीं विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), गृह मंत्रालय, रीना मित्रा भी इस पद के लिए अन्य दावेदार हैं। रीना मित्रा 1983 बैच की हैं। वह सीबीआई में पांच साल तक सेवा दे चुकी हैं। वह मध्य प्रदेश राज्य सतर्कता ब्यूरो में लंबे समय तक रही हैं, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों को देखा। अधिकारियों ने बताया कि यदि उनका चयन होता है तो वह सीबीआई की पहली महिला निदेशक होंगी।नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनॉलजी एंड फोरेसिंक साइंसेज के मौजूदा प्रमुख एवं 1984 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी जावेद अहमद भी इस रेस में शामिल हैं।उन्होंने उप्र का डीजीपी रहने के दौरान ट्विटर पहुंच अभियान, यूपी 100 और महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन जैसी कई पहल का नेतृत्व किया था। वहीं राजस्थान के पूर्व डीजीपी ओपी गलहोत्रा भी इस रेस में शामिल हैं। गलहोत्रा सीबीआई में 11 साल सेवा दे चुके हैं। वहीं गलहोत्रा के ही बैच के उप्र कैडर के एच सी अवस्थी के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। एच सी अवस्थी ने जांच एजेंसी में आठ साल सेवा दी है।एनआई के महानिदेशक और 1984 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईपीएस अधिकारी वाईसी मोदी सीबीआई में शीर्ष पद की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। वाईसी मोदी उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) का हिस्सा रहे थे जिसने गुजरात में हुए 2002 के दंगों की जांच की थी। एसआईटी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी। अधिकारियों ने बताया कि बिहार कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश रंजन ने सीबीआई में करीब पांच साल सेवा दी है और इंटरपोल में भी रहे हैं।वहीं उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा को भी सीबीआई निदेशक पद की दौड़ में आगे बताया जा रहा है। वह अगस्त 2019 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह सीबीआई में पांच साल रह भी चुके हैं. उन्होंने बताया कि अन्य दावेदारों में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के डीजी एसएस देशवाल के पास भी सीबीआई में कामकाज का पांच साल का अनुभव है। आरूषि मामले की जांच करने वाली सीबीआई की प्रथम टीम का नेतृत्व करने वाले उप्र कैडर के 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी अरूण कुमार भी दौड़ में शामिल हैं।आपको बात दें कि आलोक वर्मा को इस पद से हटाए जाने और उन्हें अग्निशमन सेवाओं का महानिदेशक बनाए जाने के बाद से सीबीआई निदेशक का पद खाली है। आईपीएस अधिकारी एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेश बनाया गया है। लोकसभा में नेता कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआई के नियमित निदेशक की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जल्द से जल्द बैठक बुलाने की मांग की थी। सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने आलोक कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के कारण जांच एजेंसी के प्रमुख पद से हटा दिया था।

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