अभी भी यहां जमा हो रहे हैं 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट

नई दिल्ली (12 जुलाई): भले ही मोदी सरकार ने 31 दिसंबर के बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने से मना कर दिया। लेकिन खादी ग्रामोद्योग भवन में काले धन को सफेद करने का धंधा जोरों पर चल रहा था।

केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने नोटंबदी के बाद 17 लाख रुपए कालाधन को बदलने में कुछ अधिकारियों की कथित रूप से मदद करने के मामले में खादी ग्रामोद्योग भवन के दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। CBI ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने 9 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच चलन से हटाए गए 17.07 लाख रुपए खादी ग्रमोद्योग के स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर के बैंक खाते में जमा किए। यह सरकार के निर्देश के खिलाफ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 500 और 1000 रुपए के नोट को चलन से हटाने की घोषणा के एक दिन बाद खादी ग्रामोद्योग भवन के प्रबंधक ने 9 नवंबर को एक आदेश जारी कर अपने कनाट प्लेस स्थित स्‍टोर में चलन से हटाए गए नोट स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

CBI की प्राथमिकी के अनुसार, यह पाया गया कि प्रमुख खजांची संजीव मलिक और प्रदीप कुमार यादव ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बिक्री करने वाले कैशियर से प्राप्त नए नोटों से पुराने नोटों को बदला। मलिक और यादव ने आपस में साजिश कर नए जारी नोट अपने पास रखते, जिसका उन्होंने भ्रष्ट और अवैध तरीके अपनाकर लाभ प्राप्त किया।