नहीं बच पाएंगे कालेधन के कुबेर और भ्रष्ट बैंक अधिकारी, CBI, ED और IT ने एकसाथ कसा शिकंजा

नई दिल्ली (13 दिसंबर): नोटबंदी के दौरान हेराफेरी करने वालों के खिलाफ देश की बड़ी जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तैयारी कर ली है। रोज हो रहे बड़े घपलों को ध्यान में रखते हुए तीन बड़ी एजेंसियां CBI, ED और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पूरी तरह से एक मुहीम के तहत मैदान में उतर चुकी हैं। CBI की ओर से निदेशक के तौर पर कार्यरत राकेश अस्थाना ने कमान संभाली है। प्रवर्तन नदेशायल से निदेशक कर्नल सिंह और CBDT चैयरमैन सुशील चंद्रा सीधे तौर पर जांच पड़ताल की निगरानी कर रहे हैं। ये इस तरह का पहला मौका है जब तीनों एजेंसियां एक साथ मिलकर काले धन को सफेद करने के खिलाफ कार्रवाई करने के एक मुहीम में जुटी है। इसकी एक वजह ये भी है कि ये जांच पड़ताल  पूरी तरह से एक दूसरे से जुड़ी हुई है।

इसके अलावा खुफिया तंत्र को भी इस काम में पूरी तरह से झोंक दिया गया है। वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी फाइनेंसियल इंटेलीजेंस यूनिट और केंद्रीय खुफियी एजेंसी आईबी के अधिकारी लगातार सीक्रेट इंफारमेशन मुहैया करा रहे हैं। जिसपर जांच एजेंसियां ऐक्शन कर रही है।

अब तक की जांच पड़ताल की बात करें तो सिर्फ  प्रवरतन निदेशालय ने  करीब 200 बैंकों पर छापेमारी की है, जिनमें से कई के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा सीबीआई ने अब तक चेन्नई ,बैंगलोर, दौसा और कोलकाता में कुल 10 मामले दर्ज किए गए हैं और 16 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें कई सरकरी मुलाजिम भी शामिल हैं। अब तक तकरीबन 19 करोड की करेंसी का मामला सामने आया है, जिसकी  जांच फिलहाल CBI कर रही है।

इसके अलावा बैंगलोर, चेन्नई, राजस्थान और दिल्ली में हुई कार्रवाई जिसमें कई बैंक अधिकारी गिरफ्तार हुए हैं और भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है। जानकारी के मुताबिक करेंसी बदलने के लिए बैंकों ने बल्क में आईडी लेकर पुराने नोट बदल दिए। इसके अलावा ये भी पता चला है नई करेंसी को बाहर बेचा जा रहा है यानि दस हजार की नई करेंसी के बदले बाजार में 15 हजार तक लिए गए। फिर उस पुरानी करेंसी को एंट्री आपरेटरों के जरिए बैंको में जमा करा दिया गया। ये सब  बैंक अधिकारियों की मिली भगत ये ये हो रहा है।

दरअसल इसके पीछे सरकार ने एक बड़े खुफिया तंत्र काम पर लगाया हुआ है। जो लगातार जानकारी मुहैया करा रही है। बताया जा रहा है कि खुफिया विभाग के लोग आम आदमी की भेष में उन तमाम जगहों पर पहले ही लगा दिए गए थे जहां से गड़बड़ी की आशंका हो रही थी। कई जगह से स्टिंग आपरेशन भी किए गए हैं। जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक आफ इंडिया के कुछ बड़े अधिकारी भी शक के घेरे में हैं । एजेंसियों को शक है कि आरबीआई के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से निजी बैंकों में जरूरत से ज्यादा  करेंसी  बांटी गयी और ऐसे बैंको ने कमिशन खा कर करेंसी बदलने का काम किया है।  हालांकि बैंगलोर में सीबीआई ने रिजर्व बैंक के एक अधिकारी को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया है। जो करेंसी एक्सचेंज कर रहा था।