वडोदरा की एक कंपनी ने बैंकों को लगाया 2654 करोड़ का चूना, CBI दर्ज किया केस

नई दिल्ली (6 अप्रैल): डोदरा की एक कंपनी पर बैंकों के साथ 2654 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस सिलसिले में CBI ने आरोपी कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि केबल और उपकरणों का कारोबार करने वाली कंपनी  डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी DPIL के प्रबंधन ने फर्जी तरीके से 11 बैंकों जिनमें सार्वजनिक और निजी दोनों शामिल थे उनके समूह से 2008 से लोन फैसिलिटी सुविधा हासिल की और 29 जून 2016 तक उसपर 2654.40 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था।

CBI का आरोप है कि DPIL के प्रमोटर एसएन भटनागर और उनके बेटे अमित भटनागर और सुमित भटनागर कंपनी के अधिकारी हैं। CBI का कहना है कि इस कर्ज को 2016-17 में एनपीए घोषित कर दिया गया। बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा शुरूआती साख सीमा को मंजूरी दिये जाने के दौरान इस कंपनी का नाम भारतीय रिजर्व बैंक की डिफॉल्टरों की सूची और ईसीजीसी एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की चेतावनी सूची में शामिल था। इसके बावजूद कंपनी और उसके प्रबंधक मियादी कर्ज और कर्ज सुविधाएं हासिल करने में कामयाब रहे।