खनन कारोबारी जे शेखर रेड्डी को CBI ने किया गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति हुई थी बरामद

नई दिल्ली ( 21 दिसंबर ): नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स और सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है। बुद्धवार को आयकर विभाग की टीम ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव पी. राम मोहन राव के घर के बाद दफ्तर पर भी छापेमारी की। वहीं दूसरी तरफ राव के करीबी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से घिरे शेखर रेड्डी को सीबीआई ने बुधवार को अरेस्ट कर लिया। वह 3 जनवरी तक कस्टडी में रहेंगे।आयकर विभाग की टीम ने सवेरे राव के घर पर छापेमारी के बाद दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर आॅफिस में भी रेड डाली। इसके साथ ही उनके बेटे, रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों की चेन्नै, बेंगलुरु और चित्तूर स्थित प्रॉपर्टीज पर भी टीम ने छापेमारी की।आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सवेरे साढ़े पांच बजे CBI टीम ने अण्णानगर स्थित घर में रेड डाली। इस दौरान 20 से अधिक RBI अधिकारी मौजूद थे। यूं तो नोटबंदी के बाद से ही देश भर में अलग-अलग जगहों पर आयकर विभाग के छापे मारे जा रहे हैं, लेकिन पहली बार किसी राज्य के सबसे बड़े अधिकारी के यहां छापे पड़े हैं।इस छापेमारी के तार राव के करीबी माने जाने वाले खनन कारोबारी के मनी ऐक्सचेंज रैकेट से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ज्ञात हो कि आयकर विभाग ने पिछले दिनों चेन्नै और वेल्लोर में शेखर रेड्डी और उनके भाई के ठिकानों पर छापेमारी कर 136 करोड़ रुपए के नए और पुराने नोटों का कैश और 177 किलो सोना बरामद किया था।इस मामले में CBI ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, जिसमें बुधवार को CBI ने उन्हें 3 जनवरी तक कस्टडी में भेज दिया है। छापेमारी के बाद शेखर की तिरुपति तिरुमला देवस्थानम की सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी। रेड्डी को तमिलानाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम का भी करीबी माना जाता है।