अगस्ता घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, पूर्व वायुसेना प्रमुख पर हैं ये आरोप...

नई दिल्ली (9 दिसंबर): अगस्ता VVIP हेलिकॉप्टर घोटाले में CBI ने आज पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एसपी त्यागी को गिरफ्तार किया है। CBI ने एसपी त्यागी के साथ-साथ गौतम खेतान और संजीव त्यागी को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है।

CBI ने 3,600 करोड़ रुपये के ऑगस्‍टा वेस्‍टलैंड VVIP हेलीकॉप्टर सौदे में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में लंबे समय से एसपी त्यागी से पूछताछ कर रह थी। सूत्रों की माने ते त्‍यागी से पूछताछ में खुलासा किया था कि उन्‍होंने ऑगस्‍टा हेलीकॉप्‍टर डील के बिचौलिये से मुलाकात की थी।

भारतीय उच्च न्यायालय के समकक्ष माने जाने वाली मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी है कि हेलीकॉप्टर निर्माता फिनमेकेनिका और अगस्तावेस्टलैंड ने किस तरह से इस सौदे को करने के लिए बिचौलियों के जरिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वतें दी थीं। आदेश में कई स्थानों पर त्यागी का नाम आया है। सीबीआई ने त्यागी और उनके रिश्तेदारों एवं यूरोपीय बिचौलियों समेत 13 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

वायुसेना के पूर्व प्रमुख के खिलाफ आरोप था कि उन्होंने हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई को 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दिया था, जिसकी वजह से अगस्तावेस्टलैंड बोली लगाने में शामिल की जा सकी थी। हालांकि यह फैसला SPG और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर विचार विमर्श करके लिया गया था जिसमें तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन भी शामिल थे। CBI ने आरोप लगाया है कि हेलीकॉप्टर की सर्विस सीलिंग (वह अधिकतम उंचाई, जिस पर कोई हेलीकॉप्टर सामान्य तौर पर काम कर सकता है) कम करने से ब्रिटेन की कंपनी निविदा की दौड़ में शामिल हो सकी। इसके अभाव में इस कंपनी के हेलीकॉप्टर निविदा जमा कराने के योग्य नहीं होते।

पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी पर आरोप...

- हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई को 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दिया

- जिसकी वजह से अगस्तावेस्टलैंड बोली लगाने में शामिल हो सकी थी

- हालांकि यह फैसला SPG और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर विचार विमर्श करके लिया गया था

- जिसमें तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन भी शामिल थे

- CBI का आरोप है कि हेलीकॉप्टर की सर्विस सीलिंग कम करने से ब्रिटेन की कंपनी निविदा की दौड़ में शामिल हो सकी

- इसके अभाव में इस कंपनी के हेलीकॉप्टर निविदा जमा कराने के योग्य नहीं होते

क्या है अगस्ता हैलीकॉप्टर घोटाला...

- भारतीय वायुसेना के लिए 12  VVIP हैलीकॉप्टरों की खरीद के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ साल 2010 करार किया था

- 3600 करोड़ रुपए ऑगस्‍टा वेस्‍टलैंड VVIP हेलीकॉप्टर का सौदा हुआ था

- इस करार में 360 करोड़ रुपए की रिश्वत देने के आरोप के बाद साल 2014 ने सरकार ने इसे रद्द कर दिया था

- कमीशन के भुगतान की खबर के बाद बाद 12 AW 101 VVIP हैलीकॉप्टर की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी

-  जब करार पर रोक लगी तब तक भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और 3 अन्य हैलीकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी