कावेरी विवाद: प्रदर्शनकारियों ने 35 बसों में लगाई आग

नई दिल्ली (12 सितंबर): कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक और तमिलनाडु के कई शहर जल रहे हैं। दोनों राज्यों के प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे की संपत्तियों को निशाना बनाया हैं। पुलिस ने अब तक 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। बेंगलुरु में पुलिस की गोलीबारी में 1 नागरिक मारा गया, जबकि एक घायल हो गया।

बेंगलुरु में प्रदर्शनकारियों ने एक बस डिपो में आग लगा दी, जिसमें 35 बसें जलकर खाक हो गयीं। हालात बिगड़ता देख कर प्रशासन ने कई इलाकों में धारा 144 लगा दी है। तमिलनाडु के नंबर वाली गाड़ियों के साथ कर्नाटक में प्रदर्शनकारी कुछ ऐसा सलूक कर रहे हैं। बेंगलुरु ही नहीं सूबे के हर हिस्से में गाड़ियों पर पथराव हुए।

प्रदर्शनकारियों के गुस्से को देखते हुए तमिलनाडु तक जाने वाली बस सेवाएं भी फिलहाल रोक दी गई हैं। बॉर्डर पर बड़ी तादाद में पुलिस बस को तैनात कर दिया गया है, जिससे सूबे में कोई गाड़ी घुस न सके। बेंगलुरु में स्कूल-कॉलेज भी बंद हैं। चेन्नई में एक होटल पर हमला हुआ। होटल की खिड़कियां और शीशे तोड़ दिए गए। हमले के बाद वहां लिखा गया था कि अगर कर्नाटक में तमिल लोगों पर हमला हुआ तो इसका बदला लिया जाएगा। हालांकि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन अब कर्नाटक और तमिलनाडु पानी की आग में जल रहे हैं।

कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव तब बढ़ गया जब पिछले हफ्ते कर्नाटक को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह कावेरी नदी से तमिलनाडु के लिए अगले दस दिन तक रोज़ाना 15 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े। कावेरी नदी दोनों राज्यों से होकर गुज़रती है। दोनों राज्य ज्यादा पानी चाहते हैं। उसके बाद कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 सितंबर तक हर दिन कर्नाटक 12 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े। सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक को कोई राहत नहीं मिली।

उसके बाद कर्नाटक के लोग भड़क गए। जिसका साइड इफेक्ट कर्नाटक और तमिलनाडु में साफ-साफ दिखाई दे रहा है।

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