मार्च तक बंद हो सकते हैं देश के आधे से ज्यादा ATM

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 नवंबर): उद्योग संगठन कन्‍फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (कैटमी) ने बुधववार को चेतावनी देते हुए कहा कि ATM हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड और नकदी प्रबंधन योजनओं के हालिया मानकों के कारण मार्च 2019 तक संचालन के अभाव में देशभर में 50 प्रतिशत एटीएम बंद हो जाएंगे। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्‍ता बुरी तरह प्रभावित होंगे।  

कैटमी के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में इस समय तकरीबन 2,38,000 एटीएम हैं, जिसमें से लगभग 1,13,000 एटीएम बंद हो जाएंगे। बंद होने वाले एटीएम में 1,00,000 ऑफ-साइट और 15,000 से अधिक व्हाइट लेबल एटीएम शामिल होंगे।   

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उन्होंने कहा कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए विनियामक दिशानिर्देश, नकदी प्रबंधन मानकों की हालिया शर्तें और कैश लोडिंग की कैसेट स्वैप पद्धति के कारण संगठन को ऐसा करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस कदम से उद्योग में भारी बेकारी भी आएगी, जो पूरी अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाओं के लिए हानिकारक होगी।

प्रवक्‍ता ने कहा कि इससे प्रधान मंत्री जन धन योजना के करोड़ों लाभार्थियों पर असर पड़ेगा जो नकद सब्सि‍डी को एटीएम के जरिये प्राप्‍त करते हैं। इसके अलावा गांव और शहरों में एक बार फ‍िर एटीएम के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलेंगे, जैसा नोटबंदी के दौरान हुआ था। कैटमी के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में इस समय तकरीबन दो लाख 38 हजार एटीएम हैं, जिनमें से एक लाख ऑफ-साइट और 15,000 से अधिक व्हाइट लेबल एटीएम समेत 1 लाख 13 हजार एटीएम बंद हो जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए विनियामक दिशानिर्देश, नकदी प्रबंधन मानकों की हालिया शर्ते और कैश लोडिंग की कैसेट स्वैप पद्धति के कारण संगठन को बाध्य होना पड़ रहा है. आधे से ज्यादा एटीएम बंद होने से उद्योग में भारी बेरोजगारी भी आएगी, जो पूरी अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाओं के लिए हानिकारक होगी।

CATMi के मुताबिक इनको चलाना आर्थिक हित में नहीं है। संस्था की मानें तो अगर ऐसा होता है तो सरकार की वित्तीय समावेश की योजना को धक्का लग सकता है और नोटबंदी जैसा माहौल हो सकता है। कैटमी के मुताबिक एटीएम कंपनियां, ब्राउन लेबल और व्हाइट लेबल एटीएम प्रदाता पहले ही नोटबंदी के दौरान हुए घाटे से जूझ रहे हैं।