स्पेन से अलग होकर नया देश बना कैटेलोनिया, यह है इतिहास

नई दिल्ली (27 अक्टूबर): आजादी की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार कैटेलोनिया आज स्पेन से अलग होकर आजाद देश बन गया। कैटेलोनिया की संसद में मतदान के बाद स्वतंत्रता की घोषणा की गई है। 75 लाख की आबादी वाले कैटेलोनिया की राजधानी बार्सलोना है।

स्पेन के सबसे समृद्ध इलाकों में शुमार कैटेलोनिया का करीब एक हजार साल पुराना इतिहास है। स्पेन में गृहयुद्ध से पहले इसे स्वायत्तता मिली थी। साल 1939 से 1975 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया की इस स्वायत्तता को खत्म कर दिया गया था। हालांकि जब फ्रैंको की मौत हो गई, तो कैटेलोनिया को आजाद करने की फिर से मांग उठने लगी।

इसका नतीजा यह हुआ कि साल 1978 के संविधान में इसके पूर्वोत्तर इलाकों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी। इसके बाद साल 2006 में एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया की शक्तियों में इजाफा कर दिया गया। इस बीच कैटेलोनिया का आर्थिक दबदबा बढ़ा और वह एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा। हालांकि यह ज्यादा दिन नहीं रही और स्पेन की कोर्ट ने साल 2010 में सारी शक्तियां वापल ले ली, जिससे कैटेलोनिया प्रशासन नाराज हो गया था।

स्पेन में साल 2015 के चुनाव में कैटेलोनिया अलगाववादियों को जीत मिली थी। इस चुनाव के दौरान ही इन्होंने कैटेलोनिया को आजाद कराने के लिए जनमत संग्रह कराने का वादा किया था। साल 1977 में तानाशाही से उबरने के बाद से यह स्पेन में सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा था। स्पेन से अलग होने के लिए सरकार के कड़े विरोध के बावजूद कैटेलोनिया में जनमत संग्रह हुआ था। जनमत संग्रह के बाद कैटेलोनिया प्रशासन ने घोषणा कर बताया था कि जनमत संग्रह में भाग लेने वाले 90 फीसदी लोग स्पेन से अलग होना चाहते हैं। वहीं, स्पेन का कहना था कि देश की संवैधानिक अदालत ने इस जनमत संग्रह को अवैध करार दिया है। प्रधानमंत्री मारियानो रहोई ने कहा था कि जनमत संग्रह हुआ ही नहीं है। हालांकि इसके बावजूद आज कैटालोनिया अलग होकर आजाद मुल्क बन गया।