तीन साल बाद यूज़लेस हो जायेंगी ATM मशीनें

नई दिल्ली (23 जनवरी):  देश के शीर्ष सरकारी अधिकारियों का मानना है कि देश जल्द ही मुख्यत: एक नकदी रहित अर्थव्यवस्था में बदल जाएगा और स्थिति ऐसी आएगी जिसमें अगले कुछ ही सालों में नकदी देने वाली एटीएम जैसी मशीन किसी काम की नहीं रह जाएगी। अधिकारियों में यह भरोसा देश में मोबाइल फोन के जरिए अब हो रहे बहुत अधिक लेनदेन की वजह से जगा है। लेकिन, ऐसे जानकार भी कम नहीं हैं जिन्हें इस भरोसे पर भरोसा नहीं है। 

उनका कहना कि इतने कम समय में ऐसा होना मुमकिन नहीं है, क्योंकि इसके लिए आधारभूत ढांचा अभी कहां है? तस्वीर के ये दोनों पहलू जयपुर में चल रहे साहित्य महोत्सव में ‘ब्रेव न्यू वर्ल्ड: द वर्चुअल इकॉनमी एंड बियॉन्ड’ शीर्षक से हुई चर्चा में शनिवार को उभरकर सामने आए।

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने चर्चा में कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ने के लिए नोटबंदी जरूरी थी। उन्होंने कहा, ‘हम एक बड़े उथल-पुथल के बीच में हैं। अभी 85 फीसदी लेनदेन नकद में हो रहा है। इससे कालेधन के लिए अधिक अवसर पैदा हो रहे हैं। लेकिन, हमने मोबाइल फोन की दुनिया में असाधारण वृद्धि देखी है। मतलब यह कि नकदी रहित अर्थव्यवस्था के लिए आधारभूत ढांचा मौजूद है।’