NEWS 24 Exclusive: कैशलेस होने का फ़ायदा और नुकसान

वरूण सिन्हा, नई दिल्ली (13 दिसंबर): देश भर में कैशलेस करने को लेकर मुहिम सी चल रही है। उसको लेकर तमाम दावे भी किए जा रहे है। हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या हैं कैशलेस होने का फ़ायदा और नुकसान। 

जिन कंपनियों के जरिए आप कैशलेस को अपनाएंगे उससे कितना नुकसान है और कितना फ़ायदा। 

यह होंगे फायदे...

1: सबसे पहले फ़ायदा ये हैं कि हमें कही भी अगर हमे ट्रेवल करना हैं या बहार कुछ काम हैं तो उसके लिए अब हमने प्लास्टिक मनी या कैश की जररूत नहीं पड़ेगी। हम आसानी के साथ पेटीएम, फ्री चार्ज और अलग-अलग कंपनी से अपना पैमेंट कर सकते हैं।

2: इन कंपनियों के आजकल लोगों को आकर्षित करने के लिए नए-नए ऑफर दे रखे हैं, जिसका लोग भरपूर फ़ायदा उठा रहे हैं। वही सरकार की तरफ से भी 2000 तक की शॉपिंग पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। डिजिटल पैमेंट से फ्यूल पर 0.75 प्रतिशत के डिस्काउंट से लोग ज्यादा बचत कर सकेंगे।

3: लोगों को पता रहेगा कि उन्होंने कितना पैसा कहा और कब खर्च किया। इसका वो हिसाब रख सकते है। कई बार लोग खर्च करके भूल जाते हैं, लेकिन इसमें उनका डाटा सेव रहेंगा।

4: लोग इससे अपने खर्चो पर भी लगाम लगा सकेंगे। ये एक आईडिया रहेगा लोगों के पास कि उन्होंने दिनभर में कितना पैसा कहा खर्च किया और आज अब उससे ज्यादा खर्च नहीं करना हैं। इससे सेविंग को लेकर भी लोगों में भावना जागृत होगी।

5: लोगो को हमेशा खुले पैसे की दिक्कत आती हैं और कई बार दुकानदार उनको खुले पैसो की जगह सामान दे देते है, कई बार कॅश नही होने पर लोगो को उधार लेना पड़ता हैं इस कॅश लेस से लोगो को वो ही पैसा देना होगा जितने बनते हैं और उधार लेने की जररूत भी नही पड़ेगी 

यह होंगे नुकसान...

1: कैशलेस में सबसे ज्यादा खतरा फ्रॉड होने का और ऐसा कई बार सामने भी आया कि हैकर्स ऑनलाइन पिन या उनकी डिटेल निकल लेता हैं। इससे सबसे ज्यादा खतरा लोगों की इन्डेंटी सामने आने से होगी और उससे फाइनेंसियल फ्रॉड का खतरा बढ़ जाएगा।

2: इस सिस्टम में सबसे बड़ी दिक्कत हैं कि अगर हमसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन गलत हो जाए और हमें उसकी कंप्लेंट करनी हो तो उसके लिए कोई रास्ता नहीं है, क्योंकि उस समय बैंक कंपनी को जिम्मेदार बताएंगा और कंपनी बैंक को। कुल मिलाकर उपभोक्ता का पैसे बर्बाद हो जाएगा और अगर मिलता भी हैं तो उसके लिए लंबी मशक्त। वहीं ऑनलाइन बिल पैमेंट में भी ये कंपनियां 2 से 3 दिन का समय लेती है, जो एक बड़ी दिक्कत है।

3: कैशलेस में सबसे ज्यादा अहम हैं आपका फ़ोन। अगर ये चोरी हो जाए तो ऐसे में आपकी जितनी डिटेल हैं वो किसी और के पास होगी। उस समय आप इन कंपनियों को सूचना भी नहीं दे सकते हैं जो सेक्युरिटी के हिसाब से काफी गंभीर है। वही अगर आपके फ़ोन की बैटरी भी खत्म हो जाए तो उस परिस्थिति में भी आप किसी काम की पैमेंट नहीं कर पाएंगे।

4: भारत में पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट का प्रयोग काफी बड़ा हैं, लेकिन 2016 में करीब 38.8% लोगों के पास ही हैं। वही केवल 26.5% लोगों के पास ऐसे फ़ोन हैं। ऐसे में किस तरह से कैशलेस होंगे ये बड़ा सवाल है।

क्योंकि अभी भी इंटरनेट उस तरह से भारत में नहीं फैला हैं कि पूरा भारत कैशलेस हो जाए और मोबाइल पर ही काम चले। दिक्कत जरूर हैं, लेकिन समाधान इतना आसान भी नहीं हैं।