'कैश की किल्लत जनवरी मध्य तक होगी दूर'

नई दिल्ली ( 16 दिसंबर ): सरकार ने आज कहा कि नोटबंदी की वजह से उत्पन्न नकदी की तंगी जनवरी के मध्य तक दूर हो जायेगी और तब तक अर्थव्यवस्था से तीन लाख करोड़ रुपये का कालाधन बाहार हो जायेगा और लेनदेन के लिए 12 लाख करोड़ रुपये रह जायेंगे।नीति आयोग के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने आज यहां उद्योग संगठन फिक्की की 89वीं वार्षिक बैठक में ‘भारत के लिए डिजिटलीकरण जरूरी’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुये कहा कि साढ़े सात फीसदी की विकास दर बनाये रखने के लिए डिजिटलीकरण जरूरी है, क्योंकि बड़े लेनदेन द्वारा बनायी गयी समानांतर अर्थव्यवस्था भारत के हित में नहीं हो सकती।श्री कांत सभी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के लिए सभी सभांवित उपायों की पहचान के लिए सरकार द्वारा बनायी गयी उच्च स्तरीय समिति के प्रमुख हैं। समिति निर्धारित समय में 80 प्रतिशत लेनदेन को डिजिटलीकृत करने की दिशा में काम कर रही है।उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया में एक मात्र ऐसा देश है जहां एक अरब बायोमीट्रिक पहचान उपलब्ध है और एक अरब मोबाइल फोन भी है। उन्होंने कहा कि भारत में जन धन, आधार और मोबाइल (जैम) के उपयोग के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है और इससे देश में आधार आधारित भुगतान काफी सरल बनेगा। उन्होंने कहा कि जिन 30 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है, वे आधार के जरिये लेनदेन कर सकते हैं।श्री कांत ने कहा कि अगले छह से सात महीने में सभी स्मार्टफोन धारक आधार आधारित भुगतान करने के सक्षम होंगे और जब भारत डिजिटलीकृत भुगतान की ओर बढ़ेगा तो लेनदेन की लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किये गये हैं।