कैश का मोह नहीं छोड़ पा रहे लोग, ATM से 22% निकासी बढ़ी

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 20 जून ): नोटबंदी के बाद सरकार को उम्मीद थी की लोग कैश की जगह डिजिटल पेमेंट्स को ज्यादा तव्वजों देंगे लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। एटीएम मशीन से कैश निकालने में अप्रैल में सालभर पहले के मुकाबले 22% बढ़कर 2.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह जानकारी आरबीआई के आंकड़े से मिली है।

इससे पता चलता है कि पिछले एक साल में डिजिटल पेमेंट्स को बड़े पैमाने पर अपनाए जाने के बावजूद करंसी का उपयोग कम नहीं हुआ है। यह आंकड़ा 8 नवंबर 2016 को सरकार की ओर से घोषित नोटबंदी के बाद के महीनों में एटीएम से करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये की औसत निकासी से ज्यादा है।अप्रैल में देशभर में एटीएम में 75.9 करोड़ बार डेबिट कार्ड स्वाइप किए गए। यह सालभर पहले के मुकाबले 15% की बढ़ोतरी है। सालभर पहले आंकड़ा 66 करोड़ स्वाइप्स का था। इसके साथ ही पॉइंट ऑफ सेल्स टर्मिनल्स पर डेबिट कार्ड का उपयोग भी अप्रैल में बढ़कर 33.3 करोड़ पर पहुंच गया। इसमें सालभर पहले के 26.8 करोड़ से 24% बढ़ोतरी हुई। इससे उलट अक्टूबर 2016 में पीओएस टर्मिनल्स पर डेबिट कार्ड केवल 14 करोड़ बार स्वाइप किए गए थे।एनसीआर कॉर्पोरेशन के एमडी नवरोज दस्तूर ने कहा, 'हमने देखा है कि हमारे एटीएम पर प्रति दिन होनेवाले ट्रांजैक्शंस बढ़े हैं और हर विदड्रॉल का औसत टिकट साइज भी बढ़ा हे। इससे पता चलता है कि डिजिटल और कैश पेमेंट्स एकसाथ बने रहेंगे और कोई भी दूसरे को रिप्लेस नहीं करने जा रहा है।'दस्तूर ने कहा कि उनकी कंपनी के एटीएम से ऐवरेज कैश विदड्रॉल पहले के 3000 रुपये से बढ़कर 3450 रुपये पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हर मशीन पर ऐवरेज ट्रांजैक्शंस की संख्या 120 से बढ़कर 125 हो गई है।