बैंकिंग फ्रॉड की तीन दिन के अंदर शिकायत करने पर नहीं होगा कोई नुकसान, RBI ने जारी किए निर्देश

नई दिल्ली (7 जुलाई): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक कस्टमर्स के लिए कार्ड या ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में शून्य और सीमित देयता के कॉन्सेप्ट की शुरुआत की है। इसका फायदा बैंक ग्राहकों को मिलेगा। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वह अपने सभी ग्राहकों के फोन नंबर रजिस्टर्ड करे और अलर्ट संदेश की मदद से अनाधिकृत लेनदेन की जानकारी दे। यह जानकारी फोन बैंकिंग, एसएमएस, ईमेल के जरिये दी जा सकती है।

ग्राहकों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फ्रॉड से बचाने के लिए RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने बड़ा कदम उठाया है। उसने कहा है कि अगर ग्राहक 3 दिन के भीतर अनऑथोराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शंस से हुए नुकसान की जानकारी देंगे तो उन्हें कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसा करने पर 10 दिन में संबंधित अकाउंट में पूरी रकम क्रेडिट हो जाएगी। वहीं, थर्ड पार्टी फ्रॉड की सूचना देने में अगर 4 से 7 दिन की देरी होती है, तो कस्टमर को 25 हजार रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ेगा।

 

गौरतलब है कि बैंक ग्राहकों की जिम्मेदारी का प्रस्ताव अगस्त 2016 में पारित किया गया था। लेकिन अब भारतीय रिजर्व बैंक अपने अंतिम दिशा निर्देशों को सामने रखा है और बैंकिंग नियमों को सख्त बनाने की मांग की है। गुरूवार को बैंकों को जारी निर्देशों के अनुसार बैंक खातों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। अनाधिकृत लेनदेन की बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्रीय बैंक ने ये गाइडलाइन जारी की हैं।

बैंको की लापरवाही की वजह से हुए धोखाधड़ी के लेनदेन पर बैंक कस्टमर्स की देयता शून्य होगी यानि ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। वहीं किसी तीसरे पक्ष के फ्रॉड करने पर जिसमें बैंक शामिल नहीं हैं, में भी बैंक ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। बैंक ग्राहक की खुद की लापरवाही की वजह से हुए फ्रॉड में समय से सूचना न देने पर पूरा नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ेगा। जबकि समय से बैंक को सूचित करने पर ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

तय समय में बैंक को सूचना नहीं देने पर नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक की होगी। वहीं बैंक और तीसरे पक्ष की धोखाधड़ी के अतिरिक्त हुए नुकसान पर बचत खाताधारकों की अधिकतम देयता 5 हजार रुपये होगी। बाकी के खातों के लिए यह सीमा 10 हजार रूपये है। 5 लाख से ज्यादा की सीमा वाले क्रेडिट कार्डस और 25 लाख के बैंक ओवरड्राफ्ट वाले खातों पर यह देयता 25 हजार होगी।