आपका ATM कार्ड ऐसे हो सकता है हैक

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): एक ऐसा टर्म जो अब बहुत ज्यादा सुनने को मिल रहा है। इसके जरिए जालसाज किसी डेबिट कार्ड का क्लोन बना लेते हैं यानी वैसा ही एक डुप्लीकेट कार्ड तैयार कर उसका इस्तेमाल करते हैं। कार्ड क्लोनिंग की घटनाएं लगातार तेजी से बढ़ रही हैं।अब तो एक देश के यूजर के डेबिट कार्ड को क्लोन कर दूसरे देश में ट्रांजेक्शन करने के मामले भी सामने आ रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर कार्ड क्लोनिंग होती क्या है? कार्ड क्लोनिंग के जरिए किस तरह लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है? आज हम आपको बताएंगे कार्ड क्लोनिंग के इस पूरे खेल के बारे में।हर डेबिट कार्ड में एक मैग्नेटिक स्ट्रिप होती है जिसमें अकाउंट से जुड़ी सभी जानकारी सेव रहती है। जालसाज स्कीमर नाम के एक डिवाइस का इस्तेमाल कार्ड क्लोनिंग के लिए करते हैं। इस डिवाइस को एक कार्ड स्वैपिंग मशीन में फिट कर दिया जाता है और कार्ड स्वाइप होने पर यह कार्ड की डीटेल्स को कॉपी कर लेती है।इनमें अकाउंट से जुड़ी सभी जानकारी शामिल रहती है। कॉपी किया गया डेटा एक इंटरनल मेमरी यूनिट में स्टोर हो जाता है। इसके बाद इस डेटा को एक ब्लैंक कार्ड में कॉपी कर दिया जाता है और फ्रॉड ट्रांजेक्शंस को इन्हीं नकली कार्ड के जरिए किया जाता है। एटीएम के कीपैड में जब कोई यूज़र अपने कार्ड का पिन एंटर करता है तो ओवरले डिवाइसेज़ के जरिए कार्ड के पिन को रीड कर लिया जाता है।