अफगानिस्तान गए यात्री को 2010 से रखा कैद, अब जाकर तालिबान ने किया रिहा

नई दिल्ली (12 जनवरी): तालिबान ने कनाडा के एक शख्स को साल 2010 में कैद करने के बाद अब जाकर रिहा किया है। इस शख्स का नाम कोलिन रदरफोर्ड है, जिसे अफगानिस्तान में कैद किया गया था। कनाडा की सरकार ने रिहाई के बारे में जानकारी दी है।

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के विदेश मामलों के मंत्री स्टीफेन डायन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कोलिन रदरफोर्ड को तालिबान ने साल 2010 में कैद किया था। उस वक्त रदरफोर्ड अफगानिस्तान की यात्रा पर था। तालिबान ने 2011 में एक विडियो जारी किया था, जिसमें उस वक्त 26 साल के रहे रदरफोर्ड को एक जासूस बताया गया था।

हालांकि, रदफोर्ड ने साफ किया कि वह जासूस ना होकर एक यात्री है, जो अफगानिस्तान में ऐतिहासिक और पूज्य स्थलों का अध्ययन करने के लिए आया है। उसने विडियो में कहा कि वह कनाडा का एक ऑडिटर है, जो एक यात्री के तौर पर आया था। फिलहाल अभी यह साफ नहीं हो सका है कि उसकी रिहाई किस तरह हुई है। लेकिन डायन ने कतर सरकार को उनकी मदद के लिए शुक्रिया किया है। कनाडा सर्कुलेशन्स ऑडिट बोर्ड ने एक ईमेल के जरिए बताया कि रदरफोर्ड जब छुट्टियों में अफगानिस्तान गया था, तब वह उनके लिए टोरंटो में काम किया करता था।