खालिस्तान समर्थक को न्योता नहीं दिया जाना चाहिए: पीएम जस्टिन ट्रूडो

नई दिल्ली (23 फरवरी): भारत आए कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के स्पेशल डिनर में खालिस्तान समर्थक रहे जसपाल अटवाल को न्योता दिए जाने पर विवाद के बीच गृह मंत्रालय ने भी सफाई दी। एक सीनियर अफसर ने कहा कि अटवाल का नाम फिलहाल ब्लैकलिस्ट में नहीं है और इसी का फायदा उठाकर वह भारत आ पाया। शायद इसीलिए कनाडा के हाई कमीश्न ने गुरुवार को पीएम ट्रूडो के लिए दिल्ली में रखे गए डिनर के लिए न्योता भेजा है।

हालांकि, कनाडा के पीएमओ ने सफाई में कहा कि अटवाल ट्रूडो के साथ गए डेलिगेशन में शामिल नहीं है। उसका इन्विटेशन भी कैंसिल कर दिया गया है। वहीं, मुंबई के प्रोग्राम में अटवाल के आने पर ट्रूडो ने कहा, ''खालिस्तान समर्थक को न्योता नहीं दिया जाना चाहिए। पार्लियामेंट के एक मेंबर ने उसे पर्सनली बुलाया था।'' बता दें कि अटवाल 32 साल पहले पंजाब के एक मंत्री पर जानलेवा हमला करने का दोषी है और कनाडा की राजनीति में सक्रिय है।

इससे पहले जस्टिन ट्रूडो ने बुधवार को स्वर्ण मंदिर में परिवार के साथ माथा टेका। उन्होंने यहां गुरु राम दास जी लंगर हॉल में भक्तों के लिए रोटियां भी बेलीं। इस दौरान सफेद कुर्ते-पजामे में थे और उन्होंने सिर पर यहां का पारंपरिक केसरिया कपड़ा भी बांधा हुआ था। उनकी पत्नी सोफी ग्रेगोयर ट्रूडो और दो बच्चे भी पंजाबी लिबास में थे। कनाडाई पीएम का परिवार करीब एक घंटे तक यहां रहा।