कनाडा के सिख मंत्री पर 'नस्ली टिप्पणी'

नई दिल्ली (4 फरवरी) :  कैनेडियाई संसद का सत्र इस हफ्ते जैसे ही शुरू हुआ, एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई। हाउस ऑफ कॉमन्स के प्रश्नकाल में एक सवाल का जवाब देने के लिए रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन ने बोलना शुरू किया। सज्जन लिबरल पार्टी की नुमाइंदगी करते हैं। जैसे ही सज्जन ने बोलना शुरू किया वैसे ही विपक्ष के सदस्य और पूर्व इमिग्रेशन मंत्री जेसन केनी ने उन पर चीखना शुरू कर दिया। साथ ही जेसन केनी ने सज्जन जो बोल रहे थे, उसका 'अंग्रेज़ी से अंग्रेज़ी' अनुवाद  उपलब्ध कराने की मांग भी कर डाली।  

केनी की इस मांग पर लिबरल सांसदों ने कड़ा एतराज जताया और इसे सज्जन पर नस्लीय टिप्पणी माना। केनी से संसद में माफी मांगने के लिए भी कहा गया लेकिन केनी ने इनकार कर दिया। कई लिबरल सांसदों ने कहा कि हरजीत सज्जन पांच साल की उम्र में अपने परिवार के साथ कनाडा गए थे और उनकी परवरिश वैंकूवर, बीसी में हुई है। ऐसे में उनकी इंग्लिश पर सवाल उठाना पूरी तरह से गलत है। इंडो कैनेडियन एमपी राज ग्रेवाल ने भी केनी से माफी मांगने के लिए कहा है।

इंडो कैनेडियन मूल की एमपी रूबी सहोता ने कहा कि केनी का इस तरह से सज्जन पर टिप्पणी करना संसदीय शिष्टाचार के दायरे में नहीं आता है और कनाडा में ऐसी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। हरजीत सज्जन लम्बे समय से कनाडा में रह रहे हैं और वे कैनेडियन पुलिस और सेना में काम कर चुके हैं। अफगानिस्तान में कैनेडियन सेना के लिए शानदार काम किया है। इसके बावजूद उनकी इंग्लिश पर सवाल उठाना नस्ली सोच के दायरे में आता है। उन्हें अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए।

 

इस मौके पर हाउस लीडर के संसदीय सचिव ने भी केनी से माफी मांगने के लिए कहा, पर केनी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। रूबी सहोता ने बताया कि राजनीतिक बहस में गर्मागर्मा होना आम बात पर है पर इस तरह से नस्लीय टिप्पणी करना गलत है।