कनाडा ने 102 साल बाद मांगी भारतीय समुदाय से माफी

नई दिल्ली (19 मई): कनाडा ने 102 साल पुरानी गल्ती के लिये भारतीय समुदाय से माफी मांगी है। दरअसल,एक सौ दो साल पहले भारत ते 376 यात्री कनाडा के बंदरगाह पहुंचे थे लेकिन उस वक्त की सरकार ने सभी भारतीयों को नस्ली भेदभाव के चलते बंदरगाह से ही वापस लौटा दिया था। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू ने  हाउस ऑफ कॉमन्स में कोमागाता मारू पर सवार मुसाफिरों के वंशजों और सिख समुदाय से माफी मांगी।

उन्होंने कहा कि वो लोग जिस दर्द और तकलीफ से गुजरे उसे कोई शब्द नहीं मिटा सकता। जलपोत कोमागाता मारू 376 मुसाफिरों के साथ 23 मई 1914 को हांगकांग से वैंकुवर पोर्ट  पहुंचा था। कनाडा सरकार से इजाज़त न मिलने पर कोमागाता मारू पोत भारत लौटा तो ब्रिटिश सेना ने उन्हें वापस नहीं लौटने दिया। उन्हें ब्रिटिश सेना से युद्ध करना पडा। इस युद्ध में  19 लोगों की मौत हो गयी थी। बाकी लोगों को ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया।