द गाजी अटैक: जानिए भारत ने पाक को कैसे चटाई धूल

नई दिल्ली ( 17 फरवरी ): 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध के ठीक पहले पाकिस्तानी पनडुब्बी गाजी भारतीय जल सीमा में घुसी जिसके इरादे नेक नहीं थे। वे विशाखापत्तनम पर हमला और भारतीय युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को नष्ट करना चाहते थे, लकिन भारतीय नौसेनिकों की बहादुरी ने उनके इरादे नाकामयाब करते हुए गाजी को नष्ट कर दिया।  

हम आपको बताने जा रहे हैं इतिहास का वो हिस्‍सा, जो हकीकत में दर्ज है। ये है फास्‍ट ट्रैक पाकिस्‍तानी सबमरीन, जिसका पूरा नाम PNS गाजी था। ये पाकिस्‍तानी नेवी में 1964 से 1971 तक रहा। 1971 में अचानक एक दिन ये रहस्‍यमयी तरीके से गायब हो गया था।

पाकिस्‍तानी सेना PNS गाजी के गायब होने के दो कारण मानती है। पहला, अचानक इसके भीतर हुआ कोई विस्‍फोट या दूसरा, विशाखापट्टनम तट के पास उनके द्वारा बिछाई गई माइंस में विस्‍फोट। वहीं, भारत INS राजपूत को PNS गाजी के डूबने का कारण बताता है। अब फिल्‍म निर्माता संकल्‍प रेड्डी इस रहस्‍मयी गाजी पर फिल्‍म बनाकर लाए हैं।

'द गाजी अटैक' नाम की इस फिल्‍म में राना दुग्‍गुबाती, के के मेनन, अतुल कुलकर्णी और तापसी पानू हैं। यह कहानी भारतीय सबमरीन S-21 के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने INS विक्रांत के आने से पहले PNS गाजी को नष्‍ट किया था।

PNS गाजी का असली नाम USS डाइब्‍लो (SS-479) था। ये अमेरिका से पाकिस्‍तानी आर्मी को 1963 में मिला था। इससे पहले ये सबमरीन अमरीकी नेवा में 1945 से 1963 तक रहा था।

पाकिस्‍तानी आर्मी में इसने 1964 से काम करना आरंभ किया और 1965 में भारत-पाक युद्ध में PNS गाजी का अहम रोल था। इसकी मदद से भारत पर नेवी अटैक किए गए थे।

4 दिसंबर 1971 को गाजी अचानक गायब हो गया। उसम बोर्ड पर 92 लोग थे और ये विशाखापट्टनम कोस्‍ट के पास गायब हुआ था। इसके गायब होने के दिन समुद्र के भीरत से काफी तेज आवाजें आईं थीं। पाकिस्‍तान के एक खोजी पत्रकार ने कहा था कि गाजी के फॉरवर्ड टोरपेडो रूम में धमाके के कारण गाजी नष्‍ट हुआ था।