बनारस में बकरीद के दूसरे दिन ऊंट की कुर्बानी

नई दिल्ली (14 सितंबर): बकरीद के दूसरे दिन बनारस में हजारों लोगों के बीच ऊंट की कुर्बानी दी गई। इसका उद्देश्य यह है कि इंसान के अंदर की बुराई खत्म हो और वह जीवन भर सच्‍चाई के रास्ते पर चले। मान्यता है कि‍ इसमें शामि‍ल होने वालों की हर तरह से तरक्की होती है। इसीलि‍ए प्रदेश भर से आए लोग जान जोखि‍म में डालकर छतों, खि‍ड़कि‍यों पर खड़े होकर इसे देखते हैं।कुर्बानी देने वाले परिवार के मुखिया इलियास ने बताया कि ब्रिटिश काल के समय साल 1912 से उसके पूर्वजों ने इसकी शुरुआत की थी। - मन्नत मांगने वाले सात परिवार कुर्बानी का ऊंट खरीदकर लाते हैं। - उन परि‍वारों के लि‍ए ये ऊंट कुर्बान होता है। इसलि‍ए इसके सात टुकड़े कि‍ए जाते हैं और इन परिवारों में बांट दि‍ए जाते हैं। - सभी अपने-अपने हिस्से को मोहल्ले में बांट देते हैं।  - इस बार का ऊंट मिर्जापुर से 40 हजार रुपए में खरीद कर लाया गया था।