पंजाब और हरियाणा ने कहा, पत्नी को 'काली-कलूटी' कहना है तलाक का आधार

नई दिल्ली ( 30 मई ): अगर पति अपनी पत्नी के रंग को लेकर उसे ताना मारता है तो तो यह तलाक का आधार हो सकता है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी आधार पर महेंद्रगढ़ जिले की एक महिला को अपने पति से तलाक लेने की इजाजत दी है। कोर्ट ने कहा कि पति का महिला के रंग पर टिप्पणी करना दुर्व्यवहार क्रूरता है।दरअसल महिला का अपने पति से खाना न बनाने को लेकर विवाद हुआ था। लोगों की मौजूदगी में महिला ने अपने पति पर उसके रंग-रूप को लेकर गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए तलाक की याचिका दाखिल की थी। इस अपील को अदालत ने स्वीकार कर लिया।टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर मुताबिक पति महिला के काले रंग की वजह से अक्सर उसे दूसरे लोगों के सामने ताने मारता था। इस महिला के वकील के मुताबिक शादी के बाद से ही महिला को उसके रंग के लिए ताने मार जा रहे थे। उसे ‘काली-कलूटी’ बुलाकर अपमानित किया जाता था और खाना नहीं बनाने पर ताने मारे जाते थे।महिला इन सबसे परेशान होकर 2012 में अपने माता-पिता के घर लौट आई थी। बाद में उसने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका डाल दी। वहां महिला की याचिका खारिज कर दी गई। लेकिन हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने फैमिली कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया और महिला के पक्ष में फैसला सुनाया।जस्टिस एमएमएस बेदी और जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल की बेंच ने अपने फैसले में कहा, ‘पत्नी ने यह साबित किया है कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया जिसकी वजह से वह अपना वैवाहिक घर छोड़ने पर मजबूर हुई।’ कोर्ट ने कहा कि उसके सामने पेश किए गए तथ्य यह साबित करने के लिए काफी हैं कि महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद बेंच ने तलाक की अनुमति देने से संबंधित आदेश दे दिए।